Success Story: UPSC के लिए सोशल मीडिया से बनाई दुरी ,साध्वी की तरह बिताई जिंदगी, जानिए परी बिश्नोई की कहानी

Success Story: अगर मन में कुछ पाने का जज्बा हो तो इंसान पहाड़ काटकर रास्ता बना सकता है , रेगिस्तान में पानी ला सकता है और नामुमकिन को भी मुमकिन कर सकता है। ऐसी ही कहानी है राजस्थान की परी बिश्नोई की। परी बिश्नोई ने यूपीएससी की परीक्षा में पूरे देश में रैंक 30 हासिल की थी। उन्होंने तीसरे प्रयास में इस परीक्षा को पास कर दिखाया था। तो आईए जानते हैं परी बिश्नोई की कहानी…
बीकानेर की रहने वाली है परी बिश्नोई ( Success Story )
परी राजस्थान के बीकानेर जिले की रहने वाली है। उन्होंने अजमेर से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की और दसवीं में उन्हें 91% अंक मिला। कक्षा बारहवीं में 89 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से की। इसके बाद उन्होंने अजमेर से मास्टर्स की डिग्री ली। आपको बता दे की परी बिश्नोई ने यूपीएससी की परीक्षा पास करने से पहले नेट की परीक्षा पास की थी।
मां से मिली प्रेरणा
परी बिश्नोई ने बताया कि IAS बनने के लिए उनको प्रेरणा उनकी माता से मिली। उन्होंने कहा कि उनकी माँ राजस्थान पुलिस में हैं। बचपन से ही उन्होंने अपनी मां को समाज के लिए काम करते और समाज में बदलाव लाते देखा है। मां को समाज सेवा करते देखा वह भी लिए सबसे बनने का सोची।
आईएएस परी बिश्नोई की 2024 के लोकसभा चुनावों में रिटर्निग ऑफिसर के रूप में कार्यरत थीं। आईएएस परी बिश्नोई इस समय वे उत्तर- पूर्व कैडर के अंदर सिक्किम में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद पर काम कर रही हैं।



