IAS Success Story: यूपीएससी की तैयारी के दौरान पिता को हो गया कैंसर, मुश्किलों के आगे नहीं मानी हार, जानें रितिका जिंदल की कहानी

IAS Success Story: अक्सर अपने बड़े बुजुर्गों को कहते हुए सुना होगा कि इंसान दिल से कोशिश करें तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। कोशिश करने वाले हर क्षेत्र में सफल होते हैं। आज हम आपको एक ऐसी लड़की की कहानी बताएंगे जो मुश्किलों का सामना करते हुए यूपीएससी की परीक्षा में सफल हुई। यूपीएससी को देश की कठिन परीक्षा में एक माना जाता है और इस परीक्षा को पास करना इतना आसान नहीं है।हर साल इस परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में बच्चे फॉर्म भरते हैं लेकिन इसमें सफल कुछ बच्चे ही हो पाते हैं।
आज हम आपको रितिका जिंदल की कहानी बताएंगे जिसने कड़ी मेहनत के बदौलत यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की। रितिका के पिता को कैंसर था और पिता की परेशानी उससे अच्छी नहीं जाती थी क्योंकि रितिका जिंदल को अपने पिता से काफी ज्यादा अटैचमेंट था। पिता को बार-बार अस्पताल ले जाने के लिए परिवार वालों को परेशानी होती थी क्योंकि हॉस्पिटल घर से दूर था और सड़क भी ठीक नहीं थी। इन सब चीजों को देखते हुए रितिक ने ठान लिया कि वह हर हाल में यूपीएससी की परीक्षा पास करेगी और समाज सेवा करेगी।
पंजाब की रहने वाली है रितिका (IAS Success Story)

रितिका जिंदल पंजाब की रहने वाली है और बचपन से ही वह पढ़ने में काफी होशियार थी। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने पंजाब से ही किया और बाद में वह अपनी पढ़ाई के लिए दिल्ली आ गई।दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से उन्होंने पढ़ाई किया और इसके साथ ही वह यूपीएससी की तैयारी भी करती थी। वह हमेशा से कुछ बड़ा करना चाहती थी।
ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही पहले प्रयास दिया।जिसमें प्रीलिम्स परीक्षा पास की लेकिन आखिरी चरण में कुछ अंक से रितिका पीछे रह गईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और एक बार फिर से परीक्षा देने का मन बना लिया। अगले प्रयास में उन्होंने फिर से यूपीएससी की परीक्षा दी और उन्हें 88 वी रैंक प्राप्त हुई। जब रितिक ने यूपीएससी की परीक्षा पास की थी तब वह मात्र 22 साल की थी।
बेटी ने निभाया फर्ज

आपको बता दे की रितिका जब यूपीएससी की तैयारी कर रही थी उसे समय उनके पिता को ओरल कैंसर हो गया। जैसे ही परिवार को कैंसर के बारे में पता चला पूरे परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया। जैसे ही ओरल कैंसर ठीक हुआ उनके पिता को एक बार फिर से लंग कैंसर हो गया।
इंटरव्यू के दौरान उन्हें अपने पिता के इलाज के लिए लुधियाना जाना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। रितिक ने बताया कि जब वह ट्रेनिंग कर रही थी उस समय उनके उनके पिता की मौत हो गई और पिता की मौत के 2 महीने के बाद उनकी माता का भी कैंसर से मौत हो गया। लेकिन रितिक ने हार नहीं मानी और कोशिश करती रही। उनके माता-पिता हमेशा से चाहते थे कि रितिका समाज सेवा करें और रितिका ने अपने माता-पिता के सपने को साकार कर दिखाया।



