Farming News Today: ठंड के समय गेंहू और चने की फसल की कैसे करें देखभाल, रोगों से बचने वैज्ञानिकों की सलाह
Farming News Today: How to take care of wheat and gram during winter, know the advice of scientists
Farming News Today: गेहूं की फसल में कुछ स्थानों पर रतुआ रोग दिखाई दे रहा है, अतः किसान भाई विशेष सावधानी बरतें और यदि संभव हो तो टेबुकोनाजोल 20 मिली प्रति पंप की दर से छिड़काव करें। साफ से हल्के बादल रहने एवं बारिश नही होने की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह दी जाती की पूर्व में बोई गई गेहूं की फसल में विभिन्न क्रांतिक अवस्थाओं में सिंचाई करें तथा सिंचाई के बाद शेष बची यूरिया का छिडकाव अवश्य करें । गेहूं की पूर्ण सिंचित समय से बुबाई वाली किस्मों में 20-20 दिनों के अंतराल पर 4-5 सिंचाई करें और ध्यान रखें की जल भराव न होने पाए ।
यदि गेहूं के खेत में पर्याप्त नमी उपलब्ध हो तो खेत में यूरिया का छिड़काव करें। यूरिया का छिडकाव करते समय इस बात का ध्यान रखें की पत्तियो पर पानी न हो तथा यूरिया चिपक न जाये ।
• किसान भाई आप अपनी गेहूँ कि फसल में चूहों कि रोकथाम करने के लिए जिंक फास्फाइड दवा को कोई भी
खाद्य पदार्थ में अच्छी प्रकार से मिला ले तथा इसे आप खेतों मैं जहाँ पर चूहे आते हैं वहाँ डाल दे और 3-4 दिनों तक पानी न दें विषयुक्त दवा खाकर चूहों को प्यास लगती है ऐसी व्यवस्था हो कि सरलता से पानी उपलब्ध नही है।
जिन स्थानों पर चने की फसल में फूल आना प्रारंभ हो गए हैं, इस स्थिति में सिंचाई न करें, इससे फूल झड़ने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
• चने की फसल में फूल आना प्रारंभ हो गए हैं, फली बनने के समय फली छेदक कीट के आक्रमण की ज्यादा संभावना होती है अतः किसानों को फसल की निगरानी के लिए सलाह दी जाती है और यदि कीट दिखाई दे तो रोकथाम हेतु इन्डोक्साकार्ब 14.5% sc @ 12-15ml / पंप की दर से स्प्रे करें ।
चने की फसल में प्रारम्भिक कीट नियंत्रण हेतु एकीकृत कीट प्रबंधन का प्रयोग जैसे फीरोमोन प्रपंच, प्रकाश प्रपंच या खेतों में पक्षियों के बैठने हेतु खूटी (Bird Perched) लगाना लाभकारी होता है।
चने की इल्लिओं की रोकथाम हेतु T या Y आकर की 2 से 2.5 फिट ऊंचाई की 20 से 25 खूटिया एवं
फेरामॉन ट्रैप 8 ट्रैप प्रति एकड़ की दर से लगायें।
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अगले पांच दिनों के दौरान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए; किसानों को सलाह दी जाती है कि जहाँ पर सरसों की फसल 60-65 दिन की हो गई है आवश्यकतानुसार सिंचाई करें । वर्तमान मौसम की स्थिति सरसों में माहू के संक्रमण के लिए उपयुक्त है। इसलिए, किसानों को फसल की
निगरानी के लिए सलाह दी जाती है और यदि संक्रमण आर्थिक क्षति स्तर से ऊपर है तो माहू के नियंत्रण के लिए निम्नलिखित कीटनाशकों में से किसी एक का छिड़काव करे ।
डाइमेथोएट 30 ईसी 500 मिली/हेक्टेयर मिथाइल डेमेटॉन 25 ईसी @ 500 मिली/हेक्टेयर खेत में नमी की कमी होने की स्थिति पर कपास की फसल की सिंचाई करें। डॉडू खिलने की अवस्था को देखते हुए खेत की सफाई करें तथा कपास की चुनाई सफाई के साथ करें ।

