Betul Crime News: एजुकेशन ऑफिसर बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ो की ठगी, 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Betul Crime News: Fraud of crores in the name of getting a job as an education officer, 5 accused arrested

Betul Crime News: बैतूल अपने आप को एजुकेशन ऑफिसर बताकर नौकरी लगाए जाने के नाम पर उगाही करने वाले पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अभी केवल तीन फरियादी सामने आए है। पुलिस ने संभावना जताई है कि नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपियों द्वारा लोगों से अब तक करोड़ों रूपये ठगने का मामला सामने आया है। पूरी जांच होने के बाद ठगी की राशि के बारे में सही जानकारी मिल पाएगी। गुरूवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसपी सिद्धार्थ चौधरी, एएसपी नीरज सोनी, एसडीओपी सृष्टि भार्गव, गंज थाना प्रभारी एबी मर्सकोले प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

ठगी मामले का खुलासा करते हुए एसपी श्री चौधरी ने बताया कि फरियादी लोकेश पिता शंकरलाल नामदेव (39) निवासी पतौवापुरा शाहपुर और मुकेश पिता खेमचंद नामदेव निवासी भैसदेही ने 9 मई को गंज थाना आकर शिकायत दर्ज कराई थी कि विशाल जैसवाल निवासी शाहपुर हाल बैतूल ने नौकरी लगाने के नाम पर रूपये लिए है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विशाल जैसवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। हिरासत में लेने के बाद जो बात निकलकर सामने आई जिससे पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। विशाल ने अपनी बहन, मां और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक सैकड़ा से अधिक लोगों के साथ नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की है। एसपी श्री चौधरी ने बताया कि अभी सिर्फ 120 लोगों की लिस्ट मिली है। इन सभी से अलग-अलग राशि लेकर 2 से 3 करोड़ रूपये की ठगी करने का अनुमान है।

तीन फरियादी आए सामने
एसपी ने बताया कि ठगी के मामले में अभी तीन फरियादी सामने आए है जिसमें दो फरियादियों ने गंज थाने में और एक फरियादी ने बैतूलबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इन फरियादियों से 7 लाख 80 हजार रूपये हड़पने की जानकारी सामने आई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विशाल जैसवाल, प्रेम जैसवाल, सुशीला जैसवाल, अंजना जैसवाल और शुभम जोशी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 470, 471, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है। आरोपी विशाल जैसवाल के बैतूल स्थित आवास से फर्जी सील, दो आईफोन मोबाईल, लेपटाप और फर्जी नियुक्ति पत्र एवं अन्य अवैध रूप से तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज जब्त किए। अन्य आरोपी भोपाल निवासी शुभम जोशी के कब्जे से कम्प्यूटर, सीपीयू एवं प्रिंटर जब्त किया है।

एजुकेशन ऑफिसर बताकर करता था ठगी
पुलिस ने बताया कि आरोपी विशाल अपने आप को एजुकेशन ऑफिसर बताकर अपनी बहन, मां और अन्य लोगों के साथ मिलकर ठगी की घटना को अंजाम देता था। नौकरी लगाने के नाम पर पैसा लेता और लोगों को आश्वासन देता था कि जल्द ही उसका नियुक्ति पत्र आ जाएंगा और उसे नौकरी मिल जाएगी। जब कुछ लोगों को रूपये देने के बावजूद नौकरी नहीं लगी तो इसकी शिकायत पुलिस से की और पुलिस की जांच में ठगी के मामले का भंडाफोड़ हुआ।
जांच के बाद हो सकता और खुलासा
पुलिस का कहना है कि अभी सिर्फ इस मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद और भी लोगों से ठगी करने की बात सामने आ रही है। जैसे ही पता चलेगा कि विशाल जैसवाल और उसके साथियों ने नौकरी के नाम पर पैसे लेकर ठगी है वैसे ही फरियादी सामने आएंगे। एसपी ने कहा कि अभी तो 120 लोगों से ठगी कर लाखों रूपये लेने की जानकारी सामने आई है। हालांकि फरियादी अभी सिर्फ 3 ही सामने आए है। एसपी ने बताया कि आरोपी तीन वर्ष से ठगी को अंजाम दे रहा था और उसने कई लोगों को अपने झांसे में लिया है। प्रथम दृष्टया जांच में यह जानकारी सामने आ रही है कि आरोपियों ने बैतूल के अलावा सीहोर सहित अन्य जिले के लोगों से ठगी की है। हालांकि अभी अन्य जिलों से ठगी की शिकायत सामने नहीं आई है।

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