Wheat Cultivation: गेहूं के इस किस्म को खेत में लगाकर बन सकते हैं मालामाल, मात्र 120 दिनों में होगी 50 क्विंटल की उपज

Wheat Cultivation : किसानो की यही तमन्ना होती है कि उसके खेतों में अच्छी फसल हो। हमारे देश की अधिकतर किसान आज भी अपने जीवन यापन के लिए खेती पर निर्भर है। किसान अब पारंपरिक तरीके से खेती नहीं करते हैं क्योंकि आधुनिक तरीके से की गई खेती से अधिक उपज होने लगी है। आप अगर बिहार के रहने वाले किसान हैं तो आपके लिए यह खबर बहुत काम की है। आपको एक ऐसे गेहूं के किस्म के बारे में बताएंगे जिसके मदद से आपका भी अच्छी उपज कर सकते हैं।
गेहूं के इस किस्म से हो सकती है अच्छी कमाई ( Wheat Cultivation )
गेहूं के इस वैरायटी का नाम 9107 है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह 140 दिनों में तैयार हो जाती है और 40 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से यह उपज देती है।बिहार के किसान इस किस्म की बुवाई सिंचित क्षेत्र में समय पर कर सकते हैं।कम समय में यह तैयार हो जाती है और 40 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से उपज देती है।
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गेहूं की बुवाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान
गेहूं की बुवाई करते समय ध्यान देकर बीच की अंकुरण क्षमता कितनी है और अगर बीज उपचारित नहीं है तो बुवाई करने से पहले उपचारित कर ले।इसके अलावा रक्सौल 01 ग्राम प्रति किलो क्रूजर दो मिली प्रति किलो बीज और एक जो वेक्टर और पीएसबी 4 पैकेट के प्रति 40 किलो से बीज उपचारित करें।
संचित समय में अगर आप खेती कर रहे हैं तो आप अच्छी तरह से खेतों में खाद डालें क्योंकि अच्छी तरह से खाद डालने पर ही अच्छी उपज हो सकती है।गेहूं की खेती करते समय ध्यान रखें कि समय-समय पर गेहूं की सिंचाई करें क्योंकि समय-समय पर सिंचाई नहीं होने से परेशानी बढ़ सकती है।
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