Hospital Security System: कोलकाता की घटना के बाद बैतूल में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ दहशत में, सुरक्षा के लिए नहीं है पर्याप्त गार्ड
Hospital Security System: After the Kolkata incident, women doctors and nursing staff in Betul are in panic, there are not enough guards for their safety
Betul Hospital Security System: कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई बर्बाता के बाद जिला अस्पताल बैतूल में नाइट ड्यूटी करने वाले महिला डॉक्टर और अन्य महिला स्टॉफ की रातें दहशत में गुजरती है। दरअसल जिला अस्पताल में सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं है। अस्पताल प्रबंधन को कोलकता की घटना से सबक लेते हुए अस्पताल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करना चाहिए ताकि महिला डॉक्टर और अन्य स्टॉफ बिना किसी डर के रात्रिकालीन ड्यूटी पूरी कर सके। बैतूल में 300 बिस्तरीय जिला अस्पताल संचालित है। यह 300 बेड अलग-अलग भवनों में संचालित कर रहे हैं, लेकिन यहां सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त सुरक्षा गार्ड नहीं है। अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ-साथ अन्य नर्सिंग स्टॉफ और महिला स्टॉफ द्वारा रात्रिकालीन ड्यूटी की जाती है। जब से कोलकता की घटना सामने आई है, तब से रात्रिकालीन ड्यूटी करने वाले महिला स्टॉफ में दहशत बनी हुई है। दरअसल प्रत्येक वार्डों में सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं है। कुछ चुनिंदा वार्डों में ही सुरक्षा गार्डों को तैनात किया गया है। जहां सुरक्षा गार्ड नहीं है, वहां का महिला स्टॉफ सबसे ज्यादा दहशत में रहता है। इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर सुरक्षा गार्डों को तैनात करने की आवश्यकता है, लेकिन इस पर अभी तक किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया है।
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कई बार हो चुके हैं विवाद
जिला अस्पताल में कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। कुछ शरारती तत्व शराब के नशे में अस्पताल पहुंच जाते हैं और डॉक्टर और स्टॉफ के साथ अभद्रता करते हैं। इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से अब तक सुरक्षा गार्डों की तैनाती नहीं हो सकी है। सुरक्षा गार्ड तैनात होने से डॉक्टर और कर्मचारियों में एक हौंसला बना रहता है कि उनके पास सुरक्षा गार्ड हैं, लेकिन अस्पताल के कई ऐसे वार्ड हैं जहां सुरक्षा गार्ड नहीं है।
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40 गार्डों के स्थान पर महज 14 गार्ड तैनात
जिस तरह से जिला अस्पताल का कारपेट एरिया फैला हुआ है और तीन अलग-अलग अस्पताल भवनों में अलग-अलग वार्ड संचालित हो रहे हैं। इस कारपेट एरिया के हिसाब से जिला अस्पताल में लगभग40 गार्ड तैनात होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में जिला अस्पताल में केवल 14 सुरक्षा गार्ड तैनात है। इसमें भी अलग-अलग समय पर गार्डों द्वारा ड्यूटी की जाती है। लंबे समय से अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही हैं, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। कई बार यह भी देखने में आता हैं कि अस्पताल में शरारती तत्व अंदर प्रवेश कर लेते हैं और उनके साथ कई लोगों को लेकर आ जाते हैं और विवाद करते हैं। ऐसे में एक दो गार्ड मौजूद भी रहे तो उनसे सुरक्षा व्यवस्था संभालना नहीं होती है। गार्डों के साथ ही मारपीट कर देते हैं। अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात होने की स्थिति में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।
इनका कहना है….
यह सही बात है कि जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की संख्या बहुत कम हैं। हमनें शासन स्तर से सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने के लिए कई बार पत्राचार किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों की संख्या नहीं बढ़ी है। सुरक्षा गार्ड कम होने से पूरे वार्डों में सुरक्षा गार्डों को तैनात नहीं किया जा सकता है।
डॉ. रविकांत उईके, सीएमएचओ बैतूल



