Diabetes : ब्लड सैंपल की नहीं पड़ेगी जरूर अब फूंक मारते ही पता चल जाएगा शुगर लेवल, एमपी में विकसित हुई खास तकनीक
Diabetes : आज के समय में अधिकतर लोग मधुमेह जैसे बीमारी के शिकार हो गए हैं। मधुमेह रोगियों के लिए शर्करा की मात्रा पता लगाने के लिए थोड़ा खून लेना पड़ता है लेकिन अब फूंक मारकर इस शुगर का पता चल जाएगा।शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी पीजी कालेज, बालाघाट के सहायक प्राध्यापक डॉ. दुर्गेश अगासे और उनकी टीम ने ऐसा यंत्र तैयार किया है, जिसमें मात्र फूंक मारते ही मधुमेह रोगी के शरीर में शर्करा के स्तर का पता चल सकेगा। नों इनवेसिव ब्लड ग्लूकोस मेजरिंग डिवाइस नाम के एक डिवाइस से आप ब्लड शुगर फूंक मार के जान सकते हैं।
यह आंध्र बेहद अनोखा है और कंपनी ने इसे विकसित करने के लिए किसी भी तरह की तकनीकी या आर्थिक सहायता नहीं ली है।इस यंत्र की प्रधानमंत्री मोदी ने भी सराहना की है।
Diabetes : अनोखी है यह तकनीक
बालाघाट के वरिष्ठ चिकित्सक एमडी मेडिसिन (कार्डियो डॉयबिटोलाजिस्ट) डॉ. बीएम शरणागत का कहना है कि अगर डिवाइस एसीटोन से शर्करा का स्तर बता रही है, तो मधुमेह रोगियों के लिए कारगर साबित होगी। इसे बेहतर किया जा सकता है। मधुमेह रोग विशेषज्ञ व जनरल फिजिशियन डॉ. वेदप्रकाश लिल्हारे का कहना है कि ये डिवाइस उन मधुमेह रोगियों के लिए कारगर होगा, जिनके शरीर में कीटोन बनता है। इसी से एसीटोन का उत्सर्जन होता है।
ब्रीथ एनालाइजर की तर्ज पर तैयार किया डिवाइस
इससे शर्करा पता करने वाली मशीन में उंगली से रक्त निकालकर स्ट्रिप पर रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसमें लगा सेंसर रोगी की श्वास से निकलने वाले एसीटोन से उसके शरीर में शुगर की मात्रा दर्शाएगा। टीम में हर्ष तिवारी ने भी अहम भूमिका निभाई है। टीम की पल्लवी ऐड़े ने दिल्ली में प्रोजेक्ट को पीएम के सामने प्रदर्शित किया।
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