Top Wheat Variety : गेहूं के इन किस्मो की खेती कर आप बन सकते हैं मालामाल, लागत से कई गुना होगा मुनाफा

Top Wheat Variety
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Top Wheat Variety : खरीफ सीजन के खत्म होते ही किसानों ने अपने खेतों में नई फसल लगाने की पूरी तैयारी कर ली हैं। किसान अपने खेत को नई फसल के लिए तैयार कर रहे हैं। रबी सीजन में सबसे ज्यादा गेहूं लगाया जाता है। गेहूं की कुछ ऐसी किस्म (Top 4 New Wheat Variety) है, जो किसानों को बंपर पैदावार देती है। इन फसलों की खासियत होती है कि इन्हें सिंचाई की कम जरूरत पड़ती है, लागत कम आती है, खरपतवार से भी इन्हें नुकसान नहीं होता है और यह ज्यादा उत्पादन देती है। ऐसी नई और बेहतर किस्म के कारण किसानों को बंपर पैदावार मिलती है और उन्हें अच्छा खासा मुनाफा होता है।

अक्टूबर में रबी फसलों की होती है बुवाई (Top Wheat Variety )

सोयाबीन, धान, मक्का की कटाई चल रही है और अब अक्टूबर महीना शुरू होते ही रबी फसल का समय भी आ गया है। ऐसे में किसानों को आधुनिक तकनीक से बनाई गई नई गेहूं की किस्मों (Top 4 New Wheat Variety) पर ध्यान देना चाहिए। यह किस्म बेहतर उत्पादन के लिए जानी जाती है। देश के उन्नत कृषक इन किस्म पर भरोसा करते हैं और हर साल लाखों की कमाई भी करते हैं।

Top Wheat Variety बंपर उत्पादन के साथ करती है मालामाल

पूसा तेजस हैं उच्च पैदावार वाली किस्म
पूसा तेजस एक बेहद शानदार गेहूं की किस्म है। इस किस्म के गेहूं को अगर आप अपने खेत में लगाएंगे तो पैदावार अच्छी होगी। सबसे अच्छी बात यह है कि यह कि पूरी तरह से रोग प्रतिरोधी है। इस किस्म को इंदौर कृषि अनुसंधान केंद्र में विकसित किया गया है। पूजा तेजस की बुवाई करने वाले किसान को 65 से 75 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिलता है। इस किस्म के गेहूं के दाने बड़े और चमकदार होते हैं और इससे बनाई गई रोटी बेहद स्वादिष्ट होती है। यह 115 से लेकर 125 दिनों में आसानी से तैयार हो जाती है।

GW22 किस्म की गेहूं

GW 322 गेहूं की एक लोकप्रिय किस्म है। इस मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसानों के द्वारा उपजाया जाता है। बता दें कि इस किस्म से 60 से 65 क्विंटल तक उत्पादन होता है। इस किस्म के गेहूं को अधिक सिंचाई की जरूरत नहीं होती और इससे बनाई गई रोटी स्वादिष्ट और मुलायम होती है। GW 322 115 दिन से लेकर 120 दिन के अंदर पककर तैयार हो जाती है।

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HD 4728 किस्म

HD 4728, जिसे पूसा मालवी भी कहा जाता हैं। यह 55 से 57 प्रति हेक्टेयर का उत्पादन देता है। इस किस्म की गेहूं को अधिक सिंचाई की जरूरत नहीं होती। 2 से 3 बार की सिंचाई में यह तैयार हो जाता है। इस गेहूं से दलिया, सूजी आदि बनाया जाता है।सबसे बड़ी बात है कि यह 120 दिन में पककर तैयार हो जाता है। किसान इसका उत्पादन कर मालामाल बन सकते हैं।

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श्रीराम 11 गेहूं की किस्म

श्रीराम 11 गेहूं की किस्म को मध्य प्रदेश के किसानों के द्वारा खूब उपजाया जाता है। यह 22 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन देता है और इसके दाने बेहद चमकदार और खूबसूरत होते हैं। इससे बनने वाली रोटी बेहद चमकदार और स्वादिष्ट होती है।

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