Betul health employee strike today: अपने दिए गए आश्वासन से मुकर गई सरकार, संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने फिर भरी हुंकार
अस्पतालों में ही लड़खड़ाई स्वास्थ्य सेवाएं, उपचार के लिए तरसे मरीज

Betul health employee strike news today : बैतूल संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार से भूख हड़ताल पर चले गए है। हड़ताल के कारण जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वास्थ्य सेवा लडख़ड़ा गई, लोग उपचार के लिए परेशान होते रहे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के एकनाथ ठाकुर एवं जिलाध्यक्ष डॉ गोविंद साहू ने बताया कि लंबित मांगों को लेकर प्रदेश सरकार को कई बार ज्ञापन से अवगत कराया, लेकिन मांगे पूरी नहीं हुई जिसके कारण संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले गए है। कर्मचारियों द्वारा जिला उद्योग कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल शुरू की है।
कर्मचारियों की मांग है कि सभी को नियमित किया जाए, तथा केबिनेट स्वीकृत 90 प्रतिशत की नीति लागू कर वेतनमान दिया जाए। निष्कासित कर्मचारियों को वापस लिया जाए सहित मांगों को लेकर भूख हड़ताल की जा रही है। भूख हड़ताल के प्रथम दिन बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचे। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दिनों भी इन्होंने हड़ताल की थी, इसी दौरान सरकार उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही उनकी मांगों का निराकरण किया जाएगा। आश्वासन के बाद भी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, जिसके कारण दोबारा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को भूख हड़ताल करने को मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार ने ही मांगे पूरी करने को लेकर एक तिथि दी गई थी, इस तिथि में भी मांगे पूरी नहीं हो पाई।
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स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर ( impact on health services)
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। जिले में वैसे भी स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी बनी है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कर्मचारियों की कमी खलने लगी। नतीजा यह है कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित है। ब्लड की जांच, बीपी, शूगर, टीबी की जांच, दवाई वितरण् सहित कई व्यवस्थाएं प्रभावित हुई है। अधिकारियों का कहना है कि संविदा कर्मियों की हड़ताल को देखते हुए नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं चलती रहे। इधर हड़्ताल पर बैठे संविदा कर्मियों का कहना है कि जब तक सरकार मांगे पूरी नहीं करती हड़ताल जारी रहेगी।



