Betul News : तीन भाजपा नेताओं का आनाजाना, फिर भी ससुन्दरा चेकपोस्ट पर कथित अवैध वसूली जारी, नेताओं की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
Betul News: Despite visits by three BJP leaders, alleged illegal extortion continues at the Sasundra checkpost.
ट्रक चालकों से वसूली के आरोप, विरोध के बाद कुछ दिन थमा मामला फिर शुरू हुई गतिविधियां; जिम्मेदारों की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
Betul News : बैतूल-नागपुर फोरलेन स्थित ससुन्दरा चेकपोस्ट पर ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली का मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि चेकपोस्ट पर वाहनों को रोककर वसूली की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस मार्ग से क्षेत्र के कई बड़े भाजपा नेताओं का नियमित आवागमन रहता है, इसके बावजूद कथित वसूली पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ससुन्दरा चेकपोस्ट पर ट्रक चालकों से पैसे लिए जाने की गतिविधियां फिर दिखाई देने लगी हैं। कुछ माह पहले भी ट्रक चालकों ने कथित वसूली का विरोध किया था। विरोध के बाद कुछ समय के लिए मामला शांत हुआ, लेकिन अब फिर से वसूली शुरू होने के आरोप सामने आ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि चेकपोस्ट पर खुलेआम ट्रक चालकों से अवैध राशि वसूले जाने के आरोप सही हैं, तो संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए हैं? चेकपोस्ट आमला विधानसभा क्षेत्र में आता है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे का भी इस मार्ग से आवागमन होता है। इसके अलावा मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार का भी बैतूल आना-जाना रहता है। इसके बावजूद कथित वसूली पर सार्वजनिक रूप से प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
ट्रक चालकों का कहना है कि फोरलेन पर पहले भी इस तरह की वसूली को लेकर विरोध किया जा चुका है। यदि आरोपों में सच्चाई है तो यह सिर्फ वाहन चालकों पर आर्थिक बोझ का मामला नहीं, बल्कि जिम्मेदार तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल है।
अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए। चेकपोस्ट पर लगे सीसीटीवी फुटेज, वाहनों की आवाजाही और कथित वसूली से जुड़े आरोपों की जांच की जाए। जांच में यदि अवैध वसूली की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल ससुन्दरा चेकपोस्ट पर कथित वसूली को लेकर जिम्मेदार विभाग की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है।
ट्रक चालकों से वसूली के आरोप, विरोध के बाद कुछ दिन थमा मामला फिर शुरू हुई गतिविधियां; जिम्मेदारों की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल


