MP News : मध्य प्रदेश में फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी हासिल करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का काला चिट्ठा सामने आया है। जानकारी के मुताबिक विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने पढ़ाई के समय ओबीसी छात्रवृत्ति हासिल की। नौकरी की बारी आई तो आदिवासी बन गए। फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी हासिल की है जिसमें 26 अधिकारी कर्मचारी चिन्हित हो चुके हैं। अभी यह सभी अधिकारी और कर्मचारी एसटीएफ की रडार पर आ गए हैं। एमपी के एसटीएफ राजेश सिंह भदोरिया ने बताया कि फर्जी जाति जाति प्रमाण पत्र बनाने वालों के नाम सामने आए हैं जिन लोगों ने सत्यापन किया है अब उनके नाम भी बढ़ाये जा रहे है।
फर्जी बड़ा करने वालों की सूची
डॉ. दिनेश माझी – जीआरएमसी ग्वालियर
डॉ. सीमा बाथम – जीआरएमसी ग्वालियर
डॉ. रजनीश माझी – जीआरएमसी ग्वालियर
डॉ. विनोद बाथम – जीआरएमसी ग्वालियर
डॉ. रेखा बाथम – आयुर्वेदिक कॉलेज आम खो
डॉ. महेंद्र बाथम – फार्मासिस्ट, जिला शिवपुरी
शिक्षक (Teachers)
शिक्षक जवाहर सिंह केवट
शिक्षक सीताराम केवट
शिक्षक सरला माझी
शिक्षक कुसुम मांझी
शिक्षक राजेश केवट
शिक्षक बाबूलाल रावत
शिक्षक सुनीता रावत
शिक्षक दशरथ रावत – गुना
पुलिस विभाग (Police & Security Services)
आरक्षक हेमंत बाथम – साइबर सेल ग्वालियर
गीतिका बाथम – एसआई, पुलिस मुख्यालय भोपाल
लोकेंद्र बाथम – 25वीं बटालियन, भोपाल
आरक्षक महेश बाथम – शिवपुरी
आरक्षक नाहर सिंह – शिवपुरी
सूबेदार अनिल बाथम – यातायात पुलिस, श्योपुर
स्टेनो (Stenographer)
भागीरथी माझी – स्टेनो, गुना
अनुपम मांझी – स्टेनो, गुना
देवीलाल ढीमर – स्टेनो, राजगढ़
अन्य अधिकारी
मनीष गौतम – महाप्रबंधक, बिजली कंपनी, जिला बैतूल
हाकिम बाथम – जेई, बिजली कंपनी, होशंगाबाद
यश कुमार सिंह – संयुक्त संचालक, उद्यान विभाग, दमोह