MP Weather Alert :  इंदौर ,भोपाल ,नर्मदापुरम सहित एमपी के 26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी, वज्रपात की संभावना

MP Weather Alert: Rain alert issued in 26 districts of MP including Indore, Bhopal, Narmadapuram, possibility of thunderstorm

MP Weather Alert :  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। यह 26 अक्टूबर तक एक गहरे दबाव के क्षेत्र (Deep Depression) में बदल सकता है। इसके बाद यह 27 अक्टूबर की सुबह तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवातीय तूफान का रूप ले सकता है।

पूर्वानुमान के मुताबिक, सिस्टम इसके बाद उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए फिर उत्तर-उत्तरपश्चिम की दिशा में मुड़ सकता है, और 28 अक्टूबर की सुबह तक एक गंभीर चक्रवातीय तूफान (Severe Cyclonic Storm) में तब्दील होने की संभावना है।

एमपी के इन जिलों में होगी बारिश

मौसम विभाग भोपाल ने शनिवार को जारी की गई एडवाइजरी में चक्रवर्ती संरचना बनने के कारण अगले 24 घंटे के दौरान एमपी के  भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अनुपपुर, डिडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा जिलों में गरज- चमक के साथ बारिश की संभावना बनी है। 

आसमान से बरस रही आफत : बारिश से फसलों में अंकुरण का खतरा, किसानों की बढ़ी चिंता
बैतूल जिले में इन दिनों आसमान से बरस रही बे-मौसम बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई है। खेतों में तैयार फसलें भीगने से अब उनमें अंकुरण का खतरा बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। जिले के अधिकांश किसान इस समय खरीफ फसलों की कटाई में जुटे हुए हैं। कई किसानों की फसलें खेतों में कटकर पड़ी हैं, जबकि कुछ ने मंड़ी तक पहुंचाने की तैयारी की थी, लेकिन अचानक हुई बारिश से सारी योजना बिगड़ गई।
बारिश के कारण खेतों में पड़ी फसलें गीली हो गई हैं। खासतौर पर सोयाबीन, मक्का और उड़द की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है। खेतों में गीली पड़ी फलियों में अंकुरण शुरू हो सकता है, जिससे उपज की गुणवत्ता और वजन दोनों पर असर पड़ेगा। किसानों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से कभी भी बारिश शुरू हो जाती है, जिससे फसल को सुखाने का मौका ही नहीं मिल रहा। शनिवार को दोपहर से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी।
गांव-गांव में किसान अब अपने खेतों में फसल को तिरपाल से ढकने या सुरक्षित स्थान पर रखने की जुगत में लगे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने यह काम भी मुश्किल बना दिया है। कुछ स्थानों पर फसल को तंबुओं में रखकर बचाने की कोशिश की जा रही है, फिर भी भीगने से रोक पाना चुनौती बन गया है।
किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन में उन्होंने पहले ही महंगे बीज और खाद पर काफी खर्च किया था। अब जब फसल पक कर तैयार हुई, तब यह बे-मौसम बारिश उनके लिए बर्बादी की बारिश साबित हो रही है। जिले के ग्रामीण इलाकों में किसान अपने खेतों में चिंतित होकर पहरा दे रहे हैं ताकि फसल को और नुकसान न हो।
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल जिले में बारिश से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। अरब सागर में एक चक्रवाती संरचना बनने के कारण प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। इसी प्रणाली के असर से बैतूल और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को मध्यम से तेज बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर में नमी तेजी से बढ़ रही है, जिससे मध्य प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में बादल छाए रहेंगे। बारिश का यह दौर 30 अक्टूबर तक रुक-रुक कर जारी रह सकता है, हालांकि उसके बाद मौसम के साफ होने और तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है। फिलहाल किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में पड़ी फसलों को यथासंभव सुरक्षित स्थान पर रखें और कटाई के बाद भंडारण में सावधानी बरतें। बे-मौसम बारिश का यह दौर किसानों के लिए एक और कठिन परीक्षा लेकर आया है, जिससे उनकी सालभर की मेहनत दांव पर लग गई है। 

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