MP Moong MSP : मध्य प्रदेश के लाखों किसानों को लगा बड़ा झटका, समर्थन मूल्य में नहीं होगी मूंग की खरीदी

MP Moong MSP: Lakhs of farmers of Madhya Pradesh got a big shock, moong will not be purchased at the support price

MP Moong MSP :  मप्र में समर्थन मूल्य में मूंग की खरीदी को लेकर इस बार अभी तक सरकार की तरफ से कोई आदेश नहीं आए है। किसान हैरान और परेशान है, अधिकारी नहीं बता पा रहे है कि समर्थन मूल्य में मूंग की खरीदी होगी या नहीं। अब तक समर्थन मूल्य में खरीदी नहीं होने से किसान कम दाम में मंडी में उपज बेचने के लिए मजबूर है।  अब जानकारी सामने आई कि की सरकार मूंग की समर्थन मूल्य में खरीदी नही करेंगे। सरकार के इस फैसले से मध्य प्रदेश के लाखों किसानों को झटका लगा है। 
ग्रीष्मकालीन फसल मूंग की कई किसानों ने कटाई कर दी है। थ्रेसिंग के बाद कई किसान उपज बेचने के लिए तैयार है, लेकिन इस बार समर्थन मूल्य में उपज बेचने संबंधित कोई आदेश नहीं आए है। किसान समर्थन मूल्य में मूंग की उपज बेचने संबंधित आदेश आने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन अब सरकार ने समर्थन मूल्य में उपज नही खरीदने के फैसला लिया है।  इस बार समर्थन मूल्य में मूंग की खरीदी नहीं हुई तो हजारों किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। कृषि उपज मंडी में इन दिनों मूंग की आवक शुरू हो चुकी है। मंडी में प्रतिदिन मूंग के 15 से 20 बोरे आवक हो रही है। कई किसान उपज लेकर आने लगे है। 
मंडी में किसानों को मिल रहे मूंग के कम दाम
समर्थन मूल्य में उपार्जन को लेकर अभी कोई आदेश नहीं आया है, अभी किसान मंडी में कम दाम में मूंग की उपज बेचने के लिए मजबूर है। केन्द्र सरकार ने पिछले वर्ष 2024-25 में 8 हजार 682 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से मूंग की खरीदी की थी। इस बार खरीदी को लेकर कोई आदेश नहीं आए है। मंडी में किसानों को मूंग के 6500 से 7 हजार रूपए तक के दाम मिल रहे है। समर्थन मूल्य में खरीदी नहीं होने के कारण किसानों को एक से देढ़ हजार रूपए प्रतिक्विंटल नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य में ारीदी शुरू हो जाती तो किसानों को लाभ मिलता। मंडी में उपज के कम दाम मिलने से किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है। 
बैतूल जिले में लगभग 20 हजार हेक्टेयर में हुई थी मूंग की बोवनी कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में किसानों ने ग्रीष्म कालीन मूंग की बोवनी की थी। किसानों को अच्छा उत्पादन भी हुआ। ग्रीष्म कालीन मूंग के लिए कृषि विभाग ने लगभग 20 हजार हेक्टेयर रकबा लक्षित किया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में बड़े स्तर पर मूंग की बोवनी हुई थी। अब सभी किसान मायूस इसलिए है कि उन्हें समर्थन मूलय के बराबर मंडी में दाम नहीं मिल रहे है और समर्थन मूल्य में खरीदी को लेकर आदेश भी जारी नहीं हुए है। 
इसके कारण नही होगी खरीदी
इस साल एमपी में समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी नहीं होगी, क्योंकि कम समय में फसल लेने के लालच में किसानों द्वारा मूंग की फसल में बीड़ी साइड नामक खरपतवार का बहुतायत उपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा इस स्थिति पर पूर्व में मुख्यमंत्री भी चिंता व्यक्त कर चुके हैं.
इनका कहना….
मूंग की उपज को समर्थन मूल्य में खरीदने को लेकर सरकार की तरफ से अभी तक कोई आदेश नहीं आए है। आदेश आने पर खरीदी की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
आनंद बड़ोनिया
उपसंचालक कृषि विभाग, बैतूल

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