Holi 2025: मप्र के इस गांव में होली के दिन छा जाता है सन्नाटा, होलिका के नाम से डरते हैं लोग, 100 सालों से चली आ रही है प्रथा

MP News: होली का त्यौहार नजदीक है और पूरे देश में बड़े धूमधाम के साथ होली का त्यौहार मनाया जाता है। आज हम आपको भारत के एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे जहां होली के त्यौहार के नाम से ही लोग डरते हैं। यहां होली के दिन सन्नाटा छा जाता है और होलिका दहन पर तो कोई घर से बाहर भी नहीं निकलता।
मध्य प्रदेश में एक ऐसा गांव है जहां होलिका दहन नहीं होता और यहां होली मनाने पर भी पाबंदी देखने को मिलती है। हजारों साल से यह प्रथा इस गांव में चली आ रही है और आज भी गांव के लोग होली के नाम से थर-थर कांपते हैं।
सागर जिले के इस गांव में नहीं मनाया जाता है होली का त्यौहार ( MP News )
सागर जिले में एक गांव ऐसा है. जहां होलिका जलाने पर पाबंदी है। ये पाबंदी आज की नहीं बल्कि दशकों से यहां होलिका जलाने पर रोक है।ये पाबंदी सरकार या प्रशासन ने नहीं लगाई बल्कि एक देवी की वजह से यहां लोग होलिका दहन करने का जोखिम नहीं उठाना चाहते और यदि गांव में होली जली तो समझो तबाही आ जायेगी।
माता के प्रकोप से डरते हैं लोग
दरअसल एमपी के सागर जिले के देवरी थानां क्षेत्र के हथखोय गांव देश के दूसरे गांव से अलग है. जहां होलिका जलाना मतलब आफत मोल लेना है।
आदिवासियों के इस हथखोय गांव मे मान्यता है कि होली जलाने के बाद यहां एक देवी है, जो नाराज हो जाती है और फिर उनका प्रकोप देखने को मिलता है. कई पीढ़ियों पहले यहां पाबंदी लगाई गई और आजतक उसका पालन किया जा रहा है।
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माना जाता है कि देवी को होलिका दहन पसंद नहीं है. बुजुर्ग बताते हैं कि सौ सालों से भी पहले इस गांव में होलिका को जलाया गया तो अचानक पूरे गांव में आग लग गई. लोगों ने झारखण्डन माता के दरबार मे हाजिरी लगाई तो आग का तांडव कम हुआ।
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