Betul News : पानी के लिए हाहाकार, नयेगांव में बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण, आंख मूंद कर बैठे हैं सरपंच और सचिव

Betul News: There is an outcry for water, villagers in Naygaon are thirsty for every drop of water, the Sarpanch and Secretary are sitting with their eyes closed.

Betul News : बैतूल गर्मी की तपिश बढ़ते ही जिला मुख्यालय से सटे नयेगांव में जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि जिस नलजल योजना पर गांव की प्यास बुझाने की उम्मीद टिकी थी, वही योजना अब दम तोड़ चुकी है। गांव में पानी के लिए मचा हाहाकार प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल रहा है। नयेगांव में पिछले लगभग 15 दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद पड़ी है। गांव में लगे दो ट्यूबवेल ही पानी की आपूर्ति का मुख्य स्रोत थे, लेकिन दोनों ट्यूबवेलों का जलस्तर खत्म हो जाने से पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। नतीजा यह है कि नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं टपक रही।
सुबह से पानी की तलाश में जुट जाते हैं ग्रामीण
ग्रामीणों की दिनचर्या अब पानी की तलाश में शुरू होकर पानी की तलाश में ही खत्म हो रही है। सुबह होते ही महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे खेतों और दूर-दराज के कुओं की ओर निकल पड़ते हैं। कई लोग तो बैलगाड़ी और साइकिल पर मटके और डिब्बे लादकर पानी लाने को मजबूर हैं। यह दृश्य किसी पिछड़े इलाके का नहीं, बल्कि जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव का है, जहां विकास के दावे लंबे-चौड़े किए जाते रहे हैं। गांव में इतना विशाल जैन संकट होने के बावजूद गांव के सरपंच सचिव चद्दर तान कर सो रहे हैं
ग्राम पंचायत पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन को पहले से ही पता था कि गर्मी में जलस्तर नीचे चला जाता है और पानी की समस्या गंभीर हो सकती है, इसके बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। न तो टैंकर की व्यवस्था की गई और न ही किसी अतिरिक्त स्रोत को सक्रिय करने की कोशिश हुई। स्थिति यह है कि अब ग्रामीण खुले तौर पर नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद सरपंच और सचिव ने सिर्फ आश्वासन दिए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। गांव में पीने के पानी के लिए लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं, लेकिन फिर भी जरूरत भर पानी नहीं मिल पा रहा।
टैंकरों की नहीं की पंचायत ने व्यवस्था
भीषण गर्मी में पानी की इस किल्लत ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। कई परिवारों को मजबूरी में दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से गुहार लगाई है कि तत्काल टैंकरों की व्यवस्था की जाए और स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना बनाई जाए, वरना स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। गांव में गहराते इस जल संकट ने एक बार फिर ग्रामीण विकास की हकीकत को उजागर कर दिया है।
इनका कहना….
जिन ट्यूबवेल से गांव में पानी की सप्लाई होती थी। उसमें पानी का लेबल बहुत कम हो गया है, इसलिए नयेगांव में पानी की समस्या आ रही है। पीएचई विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और नयेगांव ट्यूबवेल की मांग की है।
अंकित ठाकरे, सरपंच, ग्राम पंचायत खड़ला

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