Wheat Cultivation: कम समय में चाहिए अधिक उपज तो इस किस्म की गेहूं की करें खेती, लागत से ज्यादा मिलेगा मुनाफा, बन जाएंगे मालामाल

Wheat Cultivation : रबी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। किसान भाई गेहूं की खेती की तैयारी करने लगे हैं ऐसे में अगर किसान भाई अपने खेतों में उच्च किस्म की गेहूं लगाते हैं तो उन्हें लागत से अधिक पैदावार होगा और वह मालामाल बन जाएंगे। वैसे तो भारत में कई किस्म के गेहूं का उत्पादन किया जाता है लेकिन आज हम आपको काले गेहूं के बारे में बताएंगे।
काले गेहूं की खेती कर बन सकते हैं मालामाल
काले गेहूं की खेती काफी फायदेमंद है क्योंकि यह अन्य गेहूं के तुलना में अधिक मुनाफा देती है। साधारण गेहूं की तुलना में यह अधिक मूल्य में बिकती है। 1 क्विंटल की कीमत लगभग ₹5000 होती है।
औषधिय गुणों से भरपूर है काला गेहूं
काले गेहूं की मांग मार्केट में इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह औषधिय गुना से भरपूर होता है। डायबिटीज हार्ट का बीमारी, और कैंसर जैसी बीमारी को दूर करने के लिए काले गेहूं की खेती की जाती है। इसमें औषधीय गुण पाए जाते हैं यही वजह है कि इसकी कीमत ज्यादा होती है।
नवंबर में करें इसकी बुवाई (Wheat Cultivation)
अगर आप काले गेहूं की खेती करना चाहते हैं तो आपको नवंबर के अंत तक इसकी बुवाई कर देनी चाहिए। सबसे बड़ी बात है कि काला गेहूं कम समय में अधिक उपज देता है और इसमें सिंचाई की अधिक आवश्यकता भी नहीं पड़ती।
खेती करने से पहले करें गहरी जुताई
खेतों में काला गेहूं लगाने के लिए खेती करने से पहले गहरी जुताई करना होगा। इसके लिए समतल भूमि जरूरी है वरना आपको परेशानी हो सकती है और उपज पर असर देखने को मिल सकता है।
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काले गेहूं की बुवाई के समय प्रति एकड़ 60 किलो डीएपी, 30 किलो यूरिया, 20 किलो पोटाश, और 10 किलो जिंक का इस्तेमाल करने से फसल की पैदावार अच्छी होती है। बुवाई के 21 दिन बाद पहली सिंचाई करनी चाहिए, और इस समय प्रति एकड़ 60 किलो यूरिया का उपयोग करना फायदेमंद होता है।
इसके बाद, मिट्टी की नमी के आधार पर समय-समय पर सिंचाई करते रहें। जब बालियां निकलने का समय आए, तो सिंचाई करना बेहद आवश्यक होता है ताकि फसल की वृद्धि और उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सके।



