Wheat Cultivation : गेहूं की ये उन्नत किस्में कम समय में पककर हो जाती है तैयार , इसकी खेती करके किसान कर सकते है तगड़ी कमाई

Wheat Cultivation : धान की कटाई चल रही है और किसान अब गेहूं की बुवाई की तैयारी में लगे हैं। किसान आज के समय में पारंपरिक खेती छोड़कर आधुनिक तरीके से खेती करते हैं ताकि उत्पादन अच्छा हो सके। उच्च किस्म के गेहूं के बीजों को अपने खेतों में लगाकर किसान मालामाल बन सकते हैं। भारतीय किसान अनुसंधान संस्थान के द्वारा कई ऐसी उन्नत किस्म के बीजों को तैयार किया गया है जिसकी बुवाई करके किसान मालामाल हो सकते हैं। तो आईए जानते हैं इन बीजों के बारे में विस्तार से…
पुसा तेजस (Wheat Cultivation)
पूसा तेजस उच्च किस्म के बीज है जिसकी बुवाई करके किसान अच्छा उत्पादन कर सकते हैं। गेहूं के इस बीच को इंदौर कृषि अनुसंधान संस्थान में तैयार किया गया है और यह पूरी तरह से रोग प्रतिरोधी है। 1 हेक्टेयर में 65 से 75 क्विंटल तक का उत्पादन हो सकता है। इस किस्म के गेहूं के दाने बड़े होते हैं और रोटियां मुलायम बनती है। 160 से 170 दिन के अंदर गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाती है।
गेहूं की GW22 किस्म
GW 322 गेहूं की एक लोकप्रिय किस्म है। गेहूं के इस किस्म को मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसानों के द्वारा लगाया जाता है। यह रूप प्रतिरोधी होती है और इसके दाने बेहद शानदार होते हैं। प्रति हेक्टेयर आप 60 से 65 क्विंटल का उत्पादन कर सकते हैं। 115 से 120 दिन के अंदर गेहूं की यह किस्म तैयार हो जाती है।
HD 4728 किस्म
HD 4728, जिसे पुसा मालवी भी कहते हैं। यह प्रति हेक्टेयर 55 से 57 क्विंटल तक उत्पादन देता है और इस किस्म के गेहूं के दाने चमकदार होते हैं। इस गेहूं का उपयोग सूजी दलिया बिस्कुट आदि बनाने में होता है। इसकी फसल 120 दिन में पककर तैयार हो जाती है।
श्री राम 11 गेहूं किस्म
श्री राम 11 गेहूं की किस्म मध्य प्रदेश के किसानों द्वारा बड़ी मात्रा में उगाई जाती है। यह प्रति हेक्टेयर 22 क्विंटल तक का पैदावार देता है और इस किस्म के गेहूं के दाने चमकदार होते हैं। यह रोग प्रतिरोधी होता है और सबसे बड़ी बात है कि इस किस्म के गेहूं के बीज लगाने पर अधिक सिंचाई की जरूरत नहीं होती।



