Betul Crime News: शराब पीने पैसों को लेकर विवाद, पुत्र ने पिता की कर दी हत्या, कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को किया गिरफ्तार
Betul Crime News: Dispute over money for drinking alcohol, son kills father, Kotwali police arrests accused within 24 hours
Betul Crime News: बैतूल थाना कोतवाली पुलिस ने पिता की हत्या करने वाले आरोपी पुत्र को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। 9 मई को चौकी खेड़ी, थाना कोतवाली बैतूल को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम चूना लोमा में एक बुजुर्ग व्यक्ति की उसके पुत्र द्वारा हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली एवं चौकी खेड़ी पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और जांच प्रारंभ की गई। फरियादिया फुंदिया पति दल्ले धुर्वे, उम्र 60 वर्ष, निवासी चुनालोमा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 8 मई को शादी समारोह में चिल्लौर मोहदा गई थी। सुबह उसके नाती सुनील द्वारा सूचना देने पर वह घर पहुँची, जहाँ उसका भाई सद्दू उइके पिता वारु खटिया पर मृत अवस्था में पड़ा मिला। मृतक के दोनों कानों के पीछे एवं आंख के ऊपर गंभीर चोट के निशान थे। घर के बाहर खून एवं खून लगा पत्थर तथा लकड़ी भी मिली।
रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान मृतक के पुत्र अनिल उइके ने प्रारंभ में पुलिस को गुमराह करते हुए बताया कि उसके पिता शराब के नशे में पत्थर पर गिर गए थे, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। किंतु पुलिस द्वारा घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण एवं आरोपी से गहन पूछताछ किए जाने पर सच्चाई सामने आ गई।
आरोपी अनिल पिता सद्दू उइके, उम्र 32 वर्ष, निवासी पोहा ढाना चुनालोमा ने स्वीकार किया कि 8 मई की रात्रि लगभग 9 बजे उसका पिता शराब पीने के लिए बार-बार पैसों की मांग कर रहा था। दो बार पैसे देने के बाद तीसरी बार मना करने पर दोनों के बीच झूमाझटकी हुई। इसी दौरान गुस्से में आकर आरोपी ने पत्थर उठाकर पिता के सिर में पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पत्थर एवं आरोपी द्वारा छुपाकर रखे गए मृतक के खून लगे कपड़े बरामद कर लिए हैं। मृतक का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल बैतूल भेज दिया गया।
सराहनीय भूमिका
निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक राकेश सरयाम, प्रधान आरक्षक अजय, आरक्षक ओमकार एवं आरक्षक संदीप यादव की भूमिका सराहनीय रही।


