MP Employee Promotion: मप्र में इस तरह मिलेगा प्रमोशन, ये हैं फॉर्मूला, जानें सबकुछ

MP Employee Promotion: मंगलवार को मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी डॉक्टर मोहन यादव ने दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन की घोषणा की है। लंबे समय से प्रमोशन पर रोक लगी थी लेकिन अब प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने साफ शब्दों में कहा कि जल्द ही प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

प्रमोशन पर क्यों लगी थी रोक (MP Employee Promotion)
साल 2002 में शिवराज सरकार ने प्रमोशन का नया नियम बनाया था जिसमें आरक्षण का प्रावधान था। आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को प्रमोशन मिलती गई जबकि अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी पीछे रह गए इसके बाद विवाद बढ़ गया। जैसे ही विवाद बाद कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने का आदेश जारी किया। हाई कोर्ट का कहना था कि प्रमोशन केवल एक बार ही मिलनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह का आरक्षण नहीं होना चाहिए।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को मध्य प्रदेश लोक सेवा (पदोन्नति) नियम 2002 को निरस्त कर दिया। सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, और सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। तब से पदोन्नति पर रोक लग गई है।

एससी-एसटी वर्ग में योग्य कम हुए तो क्या होगा प्रावधान
यदि ST वर्ग के 10 पदों में से 6 पहले ही भर चुके हैं, तो अब केवल 4 पदों पर ही पदोन्नति होगी। यदि 10 पद खाली हैं और केवल 7 योग्य उम्मीदवार हैं, तो उतने ही पदों पर पदोन्नति दी जाएगी, जबकि बाकी पद खाली रहेंगे।
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प्रमोशन की खबर सुन खुशी से झूमें सरकारी कर्मचारी
जैसे ही डॉक्टर मोहन यादव ने प्रमोशन की घोषणा की उसके बाद सरकारी कर्मचारी खुशी से झूम उठे। मोहन यादव ने कहा कि प्रमोशन के मार्ग में आने वाली बधाओं को दूर करके इसके लिए जल्द ही नई नीति बनाई जाएगी।
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