MP News: मध्य प्रदेश के 29 जिलों में होने जा रहा बड़ा बदलाव, सरकार ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन
मध्य प्रदेश के 29 जिलों की तस्वीर बदल जाएगी। मोहन सरकार के द्वारा इन जिलों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।यह सभी वह जिले हैं जहां ज्यादा जंगल है और साथ ही यहां कई तरह की आधुनिक सुविधाएं नहीं मिल रही है।

MP News: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार राज्य के 29 जिलों में बड़ा बदलाव करने वाली है। इस बदलाव से राज्य के सैकड़ो गांव की काया पलट हो जाएगी। आज से लगभग 2 साल पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ इसकी पहल की थी। अब इन सभी गांव में नई सड़क बनेगी, साथ ही 24 घंटे बिजली की सुविधा मिलेगी और भरपूर पानी मिलेगा।आपको बता दे कि इन सभी सभी जिलों के घने जंगलों में बसे गांवों को राजस्व ग्राम बनाने की तैयारी है और सरकार ने सभी जिलों को अधिकांश 1 ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
आदिवासियों को मिलेंगे फायदे
आपको बता दे सरकार के इस पहल से आदिवासियों को जंगल कानून से राहत मिलेगा साथ ही उनके बुनियादी सुविधाओं पर भी काम किया जाएगा। इस बात की भी ध्यान रखी जाएगी की आदिवासी कानूनी अधिकारों तक आसानी से पहुंच सके और उन्हें मुख्य धारा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने वन अधिकार अधिनियम व पेसा अधिनियम का पालन कराने से जुड़े विषयों को लेकर अधिकारियों की बैठकें लीं। शनिवार को अपने निवास पर बुलाई इन समीक्षा बैठकों में सीएम ने वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने के काम में तेजी लाने पर जोर दिया।
मध्यप्रदेश में सघन वन क्षेत्र वाले 29 जिलों में कुल 925 वनग्राम हैं जिनमें से 827 को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित किया जा रहा है। इसके लिए बीस साल से कवायद चल रही थी। सन 2002 से 2004 के बीच राज्य सरकार ने सभी जिलों के वन ग्रामों के केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे थे।
Also Read:MP News: मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों की छुट्टी पर बड़ा अपडेट, सामने आई नई जानकारी
22 अप्रैल 2022 को भोपाल में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य के वन समितियों के सम्मेलन में इन 827 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की घोषणा की थी। कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी मौजूद थे। वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने से आदिवासियों को कानूनी अधिकार लेने में आसानी हो गई है।



