Betul Milk News: बाजार में दूध के दाम बढ़े, लेकिन किसानों के लिए कब बढेंगे रेट ?, जिले में 50 हजार लीटर दूध का उत्पादन
Betul Milk News: Milk prices increased in the market, but when will the rates increase for farmers?, 50 thousand liters of milk produced in the district
Betul Milk News: बाजार में मिलने वाले दूध के दामों में बढ़ोत्तरी तो कर दी है, लेकिन अब तक किसानों को मिलने वाले दूध के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। बाजार में बढ़ते दामों का किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। अब किसान भी दूध के दाम बढ़ने के इंतजार में बैठे है। किसानों का कहना है कि जब बाजार में दूध के दाम बढ़ा दिए तो किसानों को भी अधिक दाम मिलना चाहिए, लेकिन सबकुछ उलट चल रहा है, बाजार में दाम बढ़ गए है, लेकिन किसानों से पुराने दाम में ही दूध खरीदा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक बैतूल जिले में कुल 360 दूध डेयरी संचालित हो रही है। वर्तमान में सभी दूध डेयरियों से 35 से 40 हजार लीटर दूध की आवक हो रही है। हाल ही में सांची दूध के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी है। यह बढ़ोत्तरी बाजार में बिकने वाले दूध के दामों में की गई, लेकिन डेयरी में दूध बेचने वाले किसानों को दूध के बढ़ते दामों का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। किसानों से पुराने दामों पर ही दूध खरीदा जा रहा है। किसानों से खरीदे गए दूध के दाम नहीं बढ़ने से जिले के हजारों किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लागत के मुताबिक नहीं मिल रहे दाम
बैतूल जिले में बड़े पैमाने पर दूध का उत्पादन किया जाता है। अधिकतर किसान दूध व्यवसाय पर निर्भर है। किसानों का कहना है कि दूध उत्पादन में लागत बढ़ते जा रही है। लागत के मुताबिक दूध के दाम किसानों को नहीं मिल पा रहे है। ऐसे में किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि दुधारू मवेशियों के लिए हरे चारे की व्यवस्था करनी पड़ती है। मवेशियों को खिलाने वाली बरछिम के भी दाम बढ़ते जा रहे है, लेकिन जिस हिसाब से बाजार में बरछिम के दाम बढ़ रहे है, उसे हिसाब से दूध के दाम नहीं बढ़ पा रहे है। सरकार ने मुनाफे के लिए बाजार में दूध के दाम बढ़ा दिए, लेकिन किसानों को मिलने वाले दामों की बढ़ोत्तरी पर अभी कोई फोकस नहीं किया है।
बारिश में दूध का उत्पादन बढ़ने की संभावना
बारिश के दिनों में जिले में दूध उत्पादन बढ़ने की संभावना बनी है। दूग्ध संघ के अधिकारियों के मुताबिक बारिश के समय दुधारू मवेशियों को भरपूर हरा चारा मिलता है। हरा चारा मिलने से दूध का उत्पादन बढ़ जाता है, इसलिए जुलाई माह से अगस्त, सितम्बर तक दूग्ध का उत्पादन प्रतिवर्ष बढ़ जाता है। इस वर्ष भी दूध का उत्पादन लगभग 50 हजार लीटर की संभावना बनी है।
इनका कहना…
मुझे जहां तक याद है कुछ महीने पहले ही किसानों के लिए दूध के दाम बढ़ा दिए थे। बाजार में मिलने वाले दूध के दाम बढ़ने पर किसानों से खरीदे जा रहे दूध के दामों को नहीं बढ़ाया जाता है।
राजेश चकधर, सचिव, सांची दूग्ध संघ, बैतूल

