Betul Crime News: अंधेकत्ल का खुलासा, दो नाबालिग गिरफ्तार, प्रेमी से मिलने जाते समय रास्ते में कर दी महिला की हत्या

Betul Crime News: Blind murder revealed, two minors arrested, woman killed on the way to meet her lover

Betul Crime News: बैतूल कोतवाली थाना क्षेत्र के सोनाघाटी में हुई महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या के मामले में दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महिला अपने प्रेमी से मिलने जा रही थी, तभी रास्ते में एक नाबालिग युवक ने महिला को रोककर उसकी हत्या कर दी। घटना स्थल पर साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने वाले एक अन्य नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। रविवार दोपहर दो बजे पुलिस कंट्रोल रूम में पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। इसमें एसडीओपी शालिनी परस्ते, कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डहेरिया प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

पुलिस ने हत्या की घटना का खुलासा करते बताया कि 18 मार्च को सोनाघाटी सतपुड़ा पब्लिक स्कूल के सामने खाली मैदान में महिला का शव पड़ा मिला था, जिसकी शिनाख्त पुष्पा उर्फ रामकली पति गणेश उइके निवासी सोनाघाटी के रूप में की गई। महिला का पोस्टमार्टम किया, जिसमें महिला की हत्या होने की बात सामने आई। वैज्ञानिक  और भौतिक साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने हत्या की घटना की जांच शुरू की। पुलिस को जानकारी मिली थी कि महिला का चांदू मिस्त्री और एक अन्य नाबालिग के साथ प्रेम प्रसंग था। बताया जा रहा है कि महिला मिस्त्री के साथ में मजदूरी का काम करती थी। 17 मार्च की रात्रि को लगभग 11.15 बजे महिला अपने प्रेमी चांदू मिस्त्री से मिलने के लिए फोन पर बात करते जा रही थी। तभी खाली ग्राउंड में महिला का नाबालिग प्रेमी शराब पीते हुए मिला। उक्त नाबालिग ने महिला को फोन पर चांदू मिस्त्री के साथ मिलने जाने की बात सुन ली, जिससे वह आक्रोशित हो गया। नाबालिग युवक ने महिला पर शराब की बोतल से हमला कर उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। घटना स्थल पर साक्ष्य मिटाने के लिए उक्त नाबालिग ने अपने दोस्त नाबालिग युवक को मौके पर बुलाया और उन्होंने पानी की सहायता से घटना स्थल के साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने महिला की हत्या करने वाले आरोपी और साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने वाले नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के विरूद्ध अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। दोनों नाबालिग आरोपियों न्यायालय में पेश किया जाएगा। अंधेकत्ल का खुलासा करने में एसडीओपी शालिनी परस्ते, कोतवाली थाने के निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उपनिरीक्षक दिनेश कुमरे, आबिद अंसारी, एफएसएल अधिकारी जगदीश रेकवार, सहायक उपनिरीक्षक दिलदार सिंह, अरूण यादव,  प्रधान आरक्षक कांता प्रसाद, महेंद्र पवार, आरक्षक नवनीत वर्मा,  उज्जवल दुबे, दुर्गेश वर्मा, दिनेश धुर्वे, विष्णु चौहान, राजकुमार, नितिन चौहान, शिवकुमार चौहान, अनिरूद्ध यादव , राजेंद्र धाड़से, बलराम राजपूत और दीपेंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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