ब्रेस्ट कैंसर जागरुकता के लिए पत्रकार गौरी पदम ने दान किए 12 इंच बाल

कैंसर के प्रति जागरुक करने किए जा रहे प्रयास
4 फरवरी को जिले में 110 महिलाओं एवं छात्राओं ने हेयर डोनेशन किया था जबकि ग्लोबल कट ए थान कार्यक्रम में आरडीपीएस स्कूल की छात्राओं सहित 40 महिला एवं पुरुष 23 जुलाई को हेयर डोनेशन किया था। दोनों ही कार्यक्रमों में श्रीमती पदम 12 इंच हेयर न होने की वजह से अपने हेयर डोनेट नहीं कर पाई थी। अक्टूबर माह बे्रस्ट केंसर अवरनेस मंथ के रुप में पूरी दुनियां में मनाया जाता है, इसी वजह से उन्होंने महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरुक करने 12 इंच में से अपने 12 इंच हेयर डोनेट कर दिए। हेयर फॉर होप इंडिया की संस्थापक प्रेमी मैथ्यू द्वारा ब्रेस्ट कैंसर जागरुकता के लिए प्रोटेक्ट योर मॉम अभियान भी चलाया जा रहा है, श्रीमती पदम द्वारा इस अभियान से जुड़कर महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रेरित भी किया जा रहा है। श्रीमती पदम ने हेयर डोनेशन में सहयोग के लिए ज्योतिका यूनिसेक्स पार्लर के संचालक दिलीप सराठे एवं उनकी टीम का आभार माना है। इस अवसर पर श्री सराठे ने कहा कि उनके लिए भी यह गर्व की बात है उनका हुनर किसी कैंसर मरीज के चेहरे पर मुस्कान लाने के भी काम आ रहा है।
ब्रेस्ट कैंसर के मामले में शीर्ष देशों में शामिल भारत
श्रीमती पदम ने बताया कि हेयर डोनेशन कीमों थेरेपी की वजह से अपने बाल खो देने वाले कैंसर मरीजों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक छोटा सा प्रयास मात्र है। इस समय ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरुक रहने की जरुरत है। उन्होंने बताया कि भारतीय महिलाओं में जिन कैंसर के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं, स्तन कैंसर उनमें से एक है। साल 2020 में देश में रिपोर्ट किए गए कैंसर के कुल मामलों में से 13.5 फीसदी केस ब्रेस्ट कैंसर के थे। इसकी मृत्युदर भी 12.7 फीसदी के करीब रही है। 1990 के दशक के दौरान भारत में सबसे आम कैंसर की सूची में स्तन कैंसर के मामले चौथे स्थान पर थे और अब यह शीर्ष बन गया है। इस घातक समस्या से बचे रहने के लिए सभी महिलाओं को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते कैंसर के इस जोखिम को लेकर लोगों को जागरूक करने और बचाव के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से अक्तूबर का यह महीना विश्व स्तर कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इसी के चलते उन्होंने कैंसर जागरुकता माह में अपने हेयर डोनेट किए। गौरतलब है कि स्तन में गांठ, निप्पल से रक्त स्राव और निप्पल या स्तन के आकार में असामान्य बदलाव की स्थिति को कैंसर के जोखिम के तौर पर जाना जाता है। इसका इलाज कैंसर की स्टेज पर निर्भर करता है। इसमें कीमोथेरेपी, रेडिएशन, हार्मोन थेरेपी और सर्जरी को प्रयोग में लाया जाता है।


