Betul News : आठनेर कॉलेज में नियमों की धज्जियां! बैतूल से रोजाना अप-डाउन कर रहे प्रोफेसर-कर्मचारी
Betul News: Rules flouted at Athner College! Professors and staff commute daily from Betul.
ब्लॉक मुख्यालय पर निवास के निर्देशों को ठेंगा दिखाने का आरोप, आधा दर्जन कर्मचारियों की आवाजाही पर विभाग मौन?
Betul News : बैतूल सरकारी नौकरी में नियमों का पालन करना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है, लेकिन जब नियमों के पालन पर ही सवाल उठने लगें, तो व्यवस्था की जवाबदेही तय होना जरूरी है। बैतूल जिले के आठनेर स्थित शासकीय कॉलेज में पदस्थ प्रोफेसरों और कर्मचारियों की कथित आवाजाही ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कॉलेज में पदस्थ कर्मचारी आठनेर में रहने के बजाय जिला मुख्यालय बैतूल से रोजाना अप-डाउन कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब पदस्थापना आठनेर में है, तो कर्मचारियों की नियमित आवाजाही की व्यवस्था किस आधार पर चल रही है?
सूत्रों के मुताबिक, आठनेर कॉलेज में पदस्थ करीब आधा दर्जन कर्मचारी प्रतिदिन बैतूल से आते-जाते हैं। यदि यह जानकारी सही है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसका जवाब देना चाहिए। आखिर कर्मचारियों की पदस्थापना जिस स्थान पर है, वहां उनकी उपस्थिति और जिम्मेदारियों की निगरानी कौन कर रहा है? क्या कॉलेज प्रबंधन को इस आवाजाही की जानकारी नहीं है, या फिर व्यवस्था की निगरानी केवल कागजों तक सीमित रह गई है?
नौकरी आठनेर में, ठिकाना बैतूल में?
सरकारी सेवा कोई निजी व्यवस्था नहीं है, जिसमें कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार नियम तय कर लें। पदस्थापना के साथ निर्धारित जिम्मेदारियां जुड़ी होती हैं और उनका पालन सुनिश्चित करना विभाग का दायित्व है। यदि संबंधित कर्मचारियों पर ब्लॉक मुख्यालय में निवास करने के निर्देश लागू हैं, तो उनका पालन कराया जाना चाहिए। नियमों के बावजूद यदि कर्मचारी जिला मुख्यालय से रोजाना आवाजाही कर रहे हैं, तो यह जांच का विषय है।
मामला केवल आने-जाने का नहीं, बल्कि नियमों के पालन और विभागीय जवाबदेही का है। कॉलेज में शिक्षण कार्य प्रभावित तो नहीं हो रहा? कर्मचारियों की उपस्थिति और समयपालन की नियमित जांच होती है या नहीं? इन सवालों का जवाब कॉलेज प्रबंधन और उच्च शिक्षा विभाग को देना चाहिए।
अधिकारी नींद से जागेंगे या चलता रहेगा मनमाना ढर्रा?
आठनेर कॉलेज की इस स्थिति पर संबंधित अधिकारियों को अब स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। कर्मचारियों की उपस्थिति, निवास संबंधी निर्देशों और जिला मुख्यालय से कथित रोजाना आवाजाही की जांच कराई जानी चाहिए। यदि नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
सरकारी नियम सुविधा के हिसाब से मानने और छोड़ने के लिए नहीं होते। यदि आम कर्मचारियों से नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है, तो प्रोफेसरों और अन्य कर्मचारियों पर भी लागू निर्देशों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए। अब देखना यह है कि विभाग इस मामले की जांच कर जवाबदेही तय करता है या फिर आठनेर कॉलेज में उठ रहे इन सवालों को भी नजरअंदाज कर दिया जाता है।
आपको बता दे कि जल्द ही उन सभी लोगों नाम उजागर किये जायेंगे जो प्रतिदिन बैतूल से आनाजाना करते है। HRA का लाभ भी उठा यह है।
इनका कहना है….
सरकार के कोई नियम में नही गई कि ब्लाक मुख्यालय पर रहना अनिवार्य है। मैं किसी को ब्लॉक मुख्यालय पर रहने के लिए बाध्य नहीं कर सकती।
डॉ सरोज पाटिल प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय आठनेर जिला बैतूल
ब्लॉक मुख्यालय पर निवास के निर्देशों को ठेंगा दिखाने का आरोप, आधा दर्जन कर्मचारियों की आवाजाही पर विभाग मौन?


