Betul News : बैतूल में बच्ची से दुराचार की घटना के बाद स्कूलों में बाल सुरक्षा को लेकर सख्ती, एसपी ने जारी किए 23 अहम निर्देश
Betul News: Strict measures regarding child safety in schools; SP issues 23 key directives.

Betul News : बैतूल में कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत 5 वर्षीय मासूम के साथ सुरक्षा गार्ड द्वारा दुराचार करने की घटना सामने आने के बाद स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक के वीरेंद्र जैन ने दिशा निर्देश जारी किया है।
01- विद्यालय में बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बालक-बालिकाओं के लिए सुरक्षित, भयमुक्त एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
02- विद्यालय में कार्यरत समस्त शिक्षक, अतिथि शिक्षक, संविदा कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, वाहन चालक, परिचालक, सुरक्षा गार्ड, सफाईकर्मी एवं अन्य कर्मचारियों का नियमानुसार पुलिस/चरित्र सत्यापन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
03- विद्यार्थियों को उनकी आयु एवं समझ के अनुरूप Good Touch-Bad Touch, व्यक्तिगत सुरक्षा, लैंगिक अपराधों से बचाव एवं साइबर सुरक्षा के संबंध में नियमित रूप से जागरूक किया जाए।
04- बालक-बालिकाओं को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि किसी भी प्रकार के अनुचित स्पर्श, अश्लील टिप्पणी, अशोभनीय व्यवहार, धमकी, ब्लैकमेलिंग अथवा यौन उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक, प्राचार्य अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी दें।
05- किसी विद्यार्थी / अन्य व्यक्तियों द्वारा यौन शोषण अथवा दुर्व्यवहार संबंधी शिकायत किए जाने पर उसे डांटा, डराया, धमकाया अथवा शिकायत वापस लेने के लिए दबाव नहीं बनाया जाए।
06- किसी बालक-बालिका के साथ लैंगिक अपराध की जानकारी प्राप्त होने पर प्रकरण को विद्यालय स्तर पर दबाने, छिपाने अथवा आपसी समझौते से समाप्त करने का प्रयास न किया जाए तथा विधि अनुसार तत्काल संबंधित पुलिस को सूचना दी जाए।
07- समस्त प्राचार्य एवं स्टाफ को POCSO Act, 2012 के अंतर्गत बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण एवं अपराध की सूचना दिए जाने संबंधी वैधानिक दायित्वों से अवगत कराया जाए।
08- विद्यालय के शौचालय, सीढ़ियां, गलियारे, स्टोर रूम, प्रयोगशाला, खेल परिसर, वाहन एवं अन्य एकांत स्थानों की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकतानुसार पर्याप्त प्रकाश एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
09- विद्यालय परिसर में स्थापित CCTV कैमरों को सदैव कार्यशील रखा जाए तथा संवेदनशील स्थानों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों की निजता वाले स्थानों पर CCTV न लगाया जाए।
10- स्कूल बस/चैन एवं अन्य परिवहन साधनों में कार्यरत चालक, परिचालक एवं सहायक का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों के आवागमन के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था रखी जाए।
11- बालिकाओं की समस्याओं एवं शिकायतों के लिए विद्यालय में महिला शिक्षक / कर्मचारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जाए, जिससे बालिकाएं बिना संकोच अपनी समस्या बता सकें।
12- विद्यालय में शिकायत पेटी / बाल शिकायत व्यवस्था स्थापित की जाए तथा विद्यार्थियों को उसके उपयोग एवं संबंधित अधिकारी के संपर्क नंबर की जानकारी दी जाए।
13- शिक्षक/कर्मचारी द्वारा विद्यार्थियों से सोशल मीडिया अथवा मैसेजिंग ऐप के माध्यम से अनावश्यक निजी संपर्क न किया जाए। शैक्षणिक आवश्यकता होने पर पारदर्शी एवं संस्थागत माध्यम का उपयोग किया जाए।
14- विद्यार्थियों को सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, साइबर ब्लैकमेलिंग, निजी फोटो/वीडियो साझा करने तथा अश्लील सामग्री से संबंधित खतरों के प्रति जागरूक किया जाए।
15- विद्यालय परिसर में आने वाले बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित किया जाए तथा आवश्यकतानुसार आगंतुक रजिस्टर संधारित किया जाए।
16- विद्यार्थियों की शिकायत को उनके पहनावे, व्यवहार, उम्र अथवा पारिवारिक स्थिति के आधार पर नजर अंदाज न किया जाए। प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता एवं गंभीरता से लिया जाए।
17- किसी घटना की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित CCTV फुटेज, उपस्थिति रजिस्टर, परिवहन संबंधी रिकॉर्ड एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए तथा पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग किया जाए।
18- किसी पीड़ित बालक-बालिका की पहचान एवं निजता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उससे घटना के संबंध में बार-बार पूछताछ न की जाए।
19- प्रत्येक विद्यालय में बाल सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा / सुरक्षा ऑडिट कराया जाए तथा पाई गई कमियों को तत्काल दूर किया जाए।
20- विद्यालय में आपातकालीन पुलिस संपर्क नंबर, संबंधित थाना एवं आवश्यक हेल्पलाइन नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएं।
21- प्राचार्य / प्रधानाध्यापक द्वारा अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित कर बाल सुरक्षा, POCSO Act एवं साइबर सुरक्षा के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
22- किसी विद्यालय में बालक-बालिका के साथ दुराचार, लैंगिक अपराध अथवा यौन शोषण की घटना की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल अवगत कराया जाए।
23- विद्यालय प्रबंधन द्वारा किसी गंभीर घटना को छिपाने, सूचना देने में अनावश्यक विलंब करने अथवा दोषी व्यक्ति को संरक्षण देने का प्रयास पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
अतएव उपर्युक्त दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा केवल विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी न होकर प्रत्येक शिक्षक एवं कर्मचारी का नैतिक एवं वैधानिक दायित्व है। अतः प्रत्येक विद्यालय में बाल-सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए, जिसमें बच्चे बिना किसी भय, संकोच अथवा दबाव के अपनी समस्याओं एवं भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकें। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा से संबंधित किसी भी प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा सक्षम प्राधिकारी को नियमानुसार अवगत कराया जाए।



