Betul  Cyber Fraud : डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगों का जाल, बुजुर्ग से की 23.50 लाख की बड़ी ठगी

Betul Cyber ​​Fraud: Cyber ​​fraudsters trap an elderly man in the name of digital arrest, defraud him of Rs 23.50 lakh.

फरियादी की फ़ोटो

Betul  Cyber Fraud : बैतूल जिले में साइबर ठगी की घटनाएं थमने का नाम नही ले रही है। एक बुजुर्ग के साथ 23.50 लाख की ठगी करने का मामला एक बार फिर सामने आया है। पुलिस के मुताबिक फरियादी  बसंत कुमार मैदमवार, पिता स्व. गंगाधर राव मैदमवार, उम्र 80 वर्ष, निवासी विनायक रेसिडेंसी, ऑयल मिल के पास, बैतूल जो कि एसबीआई बैंक से हेड कैशियर पद से सेवानिवृत्त है। व्रद्ध ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 दिसंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल प्राप्त हुआ, जिसकी स्क्रीन पर Delhi Police लिखा हुआ प्रदर्शित हो रहा था।

कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि फरियादी के आधार कार्ड से दिल्ली में एक सिम कार्ड लिया गया है, जिसका उपयोग ब्लैकमेलिंग एवं मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। साथ ही यह भी बताया गया कि उनके विरुद्ध दिल्ली क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज है। तथा उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है।
साइबर ठगों द्वारा लगातार व्हाट्सएप कॉल कर फरियादी को मानसिक रूप से भयभीत किया गया एवं गिरफ्तारी से बचाने तथा खातों की “जांच” के नाम पर राशि ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया।  भय के कारण फरियादी ने 01 दिसंबर 2025 को अपने  एसबीआई खाते से 13,50,000, यस बैंक के खाते में तथा 10,00,000/- फिनो बैंक के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से  कुल 23,50,000/- राशि ट्रांसफर कर दिए। 
वृद्ध जब 2 दिसंबर 2025 को गोल्ड लोन लेने बैंक पहुंचने पर बैंक प्रबंधक द्वारा पूरे मामले को साइबर ठगी बताया गया, तब फरियादी को ठगी का आभास हुआ। इसके पश्चात फरियादी द्वारा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई।
अपराध पंजीयन
थाना गंज, जिला बैतूल में अपराध क्रमांक 04/26 अंतर्गत धारा 318(4), 308 बीएनएस के तहत अपराध  पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई है। मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए थाना गंज पुलिस द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर साइबर अपराध से संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है। शीघ्र ही आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
 पुलिस अधीक्षक बैतूल  वीरेंद्र जैन का जागरूकता संदेश 
डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई भी वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती। पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा कोई भी जांच एजेंसी फोन या व्हाट्सएप कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहती।
आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज से भयभीत न हों। आधार, बैंक खाते, सिम कार्ड या मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर मांगी गई कोई भी जानकारी या धनराशि किसी को न दें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

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