Saksharta Pariksha: अनपढ़ का कलंक मिटाने 49370 लोगों ने दी साक्षरता परीक्षा, 7 हजार रहे अनुपस्थित

Literacy Test: 49,370 people took the literacy test to erase the stigma of being illiterate, 7,000 were absent.

फ़ाइल फ़ोटो

Saksharta Pariksha:  बैतूल में  अशिक्षित होने के कारण कई बार लोगों को अनपढ़ कहा जाता है। इस कलंक को मिटाने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे उल्लास नवभारत साक्षारता परीक्षा में असाक्षर भी साक्षर हो रहे है। शनिवार को आक्षार लोगों की जिले भर के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा सम्मिलित हुई जिसमें हजारों अशिक्षित लोगों ने भाग लिया। जानकारी के अनुसार उल्लास नवभारत साक्षरता परीक्षा के लिए जिले में 1540 परीक्षा केन्द्र बनाएं गए। परीक्षा में 56550 असाक्षर लोग सम्मिलित होना था, जिसमें से कई लोग परीक्षा से 7180 अनुपस्थित रहे। परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई।  असाक्षरों को परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य शासन द्वारा दिया गया था। सभी शासकीय स्कूलों में होने वाली परीक्षा को लेकर अधिकारियों ओर शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। असाक्षर लोग सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक किसी भी समय में परीक्षा केन्द्र पर पहुंचकर परीक्षा देते रहे। अधिकारियों के मुताबिक साक्षर भारत योजना के तहत घर-घर जाकर असाक्षरों की पहचान की गई। इन सभी चिन्हित असाक्षरों को परीक्षा में सम्मिलित किया गया। साक्षरता दर बढ़ाने के लिए हर वर्ष दो बार परीक्षा आयोजित की जाती है।

15 वर्ष से अधिक लोग होगे सम्मिलित
साक्षरता परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को शामिल किया गया। परीक्षा में सम्मिलित लोगों को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। परीक्षा 150 अंक की होती है, जिसमें पढ़ने के 50, लिखने के 50 और गणित के 50 अंक निर्धारित है। प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने पर परीक्षा में उत्तीर्ण माना जाता है। इसमें 5 अंक का ग्रेस का प्रावधान भी है। 

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