MP News: 1 मई से बदल जाएंगे न्यायालय से जुड़े ये नियम, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लागू होगी पूरे देश में व्यवस्था

MP News: 1 मई से जमानत से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया जाएगा। अब अग्रिम जमानत, डिफॉल्ट जमानत, अंतरिम जमानत सहित व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मांग करने वाले मुजरिमों को जमानत आवेदन के साथ-साथ पूर्व में दर्ज अपराधी प्रकरणों की जानकारी भी हर हाल में कोर्ट को देनी होगी।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूरे देश में 1 में से यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत के आदेश पर प्रिंसिपल रजिस्टर संदीप शर्मा ने इसका प्रारूप तैयार कर इसे जारी कर दिया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने जानकारी दिया कि 1 मई से यह बदलाव किया जा रहा है। इस नियम के लागू होने के बाद आवेदन के साथ मुजरिम का आपराधिक रिकार्ड भी हर हाल में बताना होगा।
जानिए कैसा होगा इसका प्रारूप (MP News)
अब FIR नंबर, किन धाराओं में केस दर्ज किया गया है, किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है, इन सब की जानकारी कोर्ट को देनी होगी। अगर कोई इसकी जानकारी नहीं देता है तो उसकी जमानत रद्द कर दी जाएगी।
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अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 की धारा 14 के अंतर्गत अस्थाई जमानत, सजा का निलंबन या कानून के प्रासंगिक प्रावधान के अंतर्गत व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मांग के लिए किसी अन्य उचित कानूनी उपाय के माध्यम से मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय में जमानत देने के लिए दायर किए जाने वाले ऐसे सभी आवेदनों के जमानत के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट , प्रिंसिपल सीट जबलपुर और इंदौर के खंडपीठ में 1 अक्टूबर 2017 से दायर किए गए सभी आवेदनों में की जानकारी देनी होगी।


