RBI Monetary Policy UPI Lite: ऑनलाइन पेमेंट के नियम बदले, UPI लिमिट बढ़ाई, RBI की बैठक में बड़े निर्णय

RBI Monetary Policy UPI Lite: डिजिटल इंडिया की शुरुआत के साथ ही भारत में ऑनलाइन पेमेंट लगातार बढ़ रहा है। देश का हर दूसरा व्यक्ति ऑनलाइन तरीके से पेमेंट करता है। ऐसे में ऑनलाइन पेमेंट का और भी ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक नए-नए फैसले ले रहा है। इसका लाभ आम आदमियों को मिलता है। वही ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए आरबीआई द्वारा कड़े नियम बनाए जा रहे है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास ने रेपो रेट की घोषणा की है। लगातार 10वीं 12वीं रेपो रेट और परिवर्तित रहा है। शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर को 6.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा।
UPI लिमिट में बदलाव (RBI Monetary Policy UPI Lite)
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर शशिकांत दास ने बैठक के बाद जानकारी दी हैं कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन यूपीआई लिमिट को लेकर जरूर अपडेट किया गया है।
श्री दास ने बताया कि UPI ने इनोवेशन और अनुकूलन के माध्यम से डिजिटल भुगतान को सुलभ और समावेशी बनाया जाएगा ताकि लोगों को परेशानी ना हो।
RBI की बैठक में यूपीआई से लेनदेन की सीमा को 5000 से बढ़कर ₹10000 कर दिया गया है, साथ ही यूपीआई लाइट वॉलेट सीमा में बढ़ोतरी की गई है और यूपीआई लाइट लेनदेन सीमा को भी बढ़ा दिया गया है। बता दें कि UPI लाइट वॉलेट की सीमा अभी तक ₹2000 थी, अभी से बढ़ाकर ₹5000 कर दिया गया है।
यूपीआई 123पे से आसान होगा पेमेंट
भारत में फीचर फोन उपभोक्ताओं की संख्या करोड़ों में हैं। इन्हें भी ऑनलाइन पेमेंट से जोड़ने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से यूपीआई 123पे फीचर लाया गया हैं। यह एक इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है। यूपीआई 123पे के उपयोग से फीचर फोन यूजर कर टेक्नोलॉजी ऑप्शन के आधार पर आसानी से अलग-अलग लेनदेन कर सकते हैं। इनमें आईवीआर (इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पांस) नंबर पर कॉल करना, फीचर फोन में ऐप की फंक्शनीबिल्टी, मिस्ड कॉल-आधारित दृष्टिकोण और प्रॉक्सिमिटी साउंड बेस पेमेंट शामिल हैं।
Also Read:MP News: मध्य प्रदेश में 150 नए विकासखंड का होगा गठन, 68 साल बाद सरकार ने लिया बड़ा फैसला



