CAA Law News: सीएए नागरिकता कानून का मुस्लिमों को स्वागत करना चाहिए: शारिक खान
CAA Law News: Muslims should welcome CAA citizenship law: Shariq Khan
CAA Law News: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह संयोजक शारिक खान ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने से देश के मुस्लिम समुदाय पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पहले धर्म के नाम पर प्रताड़ित होने वाले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैर मुस्लिमों को नागरिकता देने के लिए कोई कानून नहीं था लेकीन भाजपा सरकार ने सीएए का कानून बनाकर विदेशी अल्पसंख्यको जीने की नई राह दिखाई है। इस कानून से देश के करोड़ों मुसलमानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी देखे गए, वो भी इसलिए क्योंकि लोगों में इसको लेकर राजनैतिक पार्टियों ने गलतफहमियां फैलाई है। कुछ चुनिंदा राजनीतिक लोगों ने यह गलतफहमियां मुस्लिम समुदाय में पैदा की है। उन्होंने कहा कि देश के सभी मुसलमानों को नागरिकता संशोधन कानून का स्वागत करना चाहिए।
जब देश के ग्रह मंत्री अमित शाह ने कह दिया की भारतीय मुसलमानों को किसी तरह की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। क्योंकि इस कानून में उनकी नागरिकता को प्रभावित करने वाला कोई प्रावधान नहीं है। नागरिकता कानून का वर्तमान में 18 करोड़ भारतीय मुसलमानों (जिनके पास अपने समकक्ष हिंदू भारतीय नागरिकों के समान अधिकार हैं) से कोई लेना-देना नहीं है। इस कानून के बाद किसी भी भारतीय नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कोई दस्तावेज पेश करने के लिए नहीं कहा जाएगा।
लेकीन अगर कोई दूसरे देश का मुस्लिम अगर भारत की नागरिकता लेना चाहता है तो उसके पास अभी भी अधिनियम की धारा 6 (जो प्राकृतिक आधार पर नागरिकता से संबंधित है) के तहत दुनिया में कहीं से भी मुसलमानों के लिए भारतीय नागरिकता प्राप्त करने पर कोई रोक नहीं है।



