Betul Depression News: बैतूल में लोग बड़ी संख्या में होने लगे डिप्रेशन का शिकार, चौकाने वाले आंकड़े आए सामने

Betul Depression News: People started becoming victims of depression in large numbers in Betul, shocking figures came out.

इमेज सोर्स गूगल फाइल फोटो

Betul Depression News: बैतूल जिले में लोग डिप्रेशन का शिकार अधिक होने लगे है। जिला अस्पताल में उपचार करवाने आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। काम का दबाव सहित अन्य के कारण लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते है। हालात यहां तक निर्मित हो जाते है कि लोगों को उपचार करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल के मन कक्ष में प्रतिदिन उपचार करवाने के लिए 20 से 25 लोग प्रतिदिन आते है। इसमें से 15 प्रतिशत लोग डिप्रेशन का शिकार रहते है। इन मरीजों को डॉक्टरों द्वारा उपचार देकर डिप्रेशन दूर किया जाता है। हालांकि डिप्रेशन दूर होने के लिए कई मरीजों को लंबा समय लग जाता है। जिंदगी के पड़ाव में हर किसी व्यक्ति को किसी न किसी समस्या से जूझना पड़ता है। इस समस्या के कारण व्यक्ति उदास और हताश महसूस करने लगता है। असफलता और संघर्ष के कारण कई लोग डिप्रेशन में चले जाते है। अप्रसन्नता, दुख, लाचारी और निराशा अधिक दिन तक बनी होने के कारण लोग डिप्रेशन मानसिक रोग का शिकार हो जाते है। डिप्रेशन में भी अलग-अलग लोग शामिल है। किसी में लक्षण तीव्रता के साथ बढ़ते है तो किसी में धीरे-धीरे लक्षण आने लगते है। 

यह है डिप्रेशन के लक्षण
डॉक्टरों के मुताबिक डिप्रेशन के कई लक्षण सामने आते है, जिसमें सुबह से शाम तक उदास रहना। हर दिन थकावट व कमजोरी महसूस करना, स्वयं का अयोग्य एवं दोषी मानना, एकाग्रता नहीं रहना और फैसले लेने में कठिनाई होना, कई गतिविधियों में निरस्ता आना, बार-बार मृत्यु और अत्महत्या के विचार आना, बैचेनी और आलस्य महसूस करना। अत्यधिक चिड़चड़ापन होना, अकेले रहते समय बड़बड़ाना, किसी भी कार्य को गंभीरता से न लेना और बार-बार गलतियां कर उसे कार्य को अधूरा छोड़ देना आदि लक्षण शामिल है। 
एक महीने में मन कक्ष में पहुंच रहे 400 लोग
जिला अस्पताल के मन कक्ष में डिप्रेशन का शिकार हुए लोगों को अधिक समय तक सिर दर्द होना सहित अन्य मानसिक रोगों से ग्रसित लोगों को उपचार दिया जाता है। उपचार के बाद कई लोग ठीक भी हो जाते है, लेकिन अधिकतर मरीजों में देखने में आता है कि ठीक होने में लंबा समय लेते है। मन कक्ष प्रभारी डॉ संजय खातरकर ने बताया कि एक महीने में उपचार कराने के लिए लगभग 400 लोग पहुंचते है, जिसमें 55 लोग डिप्रेशन वाले शामिल है। गंभीर डिप्रेशन होने के कारण कई बार मरीजों को बैतूल से उपचार के लिए भोपाल भी भेजना पड़ता है। दूसरे सच से बचने के लिए प्रतिदिन योग करना चाहिए। 
इनका कहना…
जिला अस्पताल के मन कक्ष में प्रतिमाह लगभग 400 लोग उपचार करवाने आते है, जिनमें 15 प्रतिशत लोग डिप्रेशन का शिकार रहते है। इन्हें उपचार देकर ठीक किया जाता है। 
डॉ संजय खातरकर, मनोरोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, बैतूल

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