Betul Action Of Lokayukt Team: 40 हजार की रिश्वत लेते सहायक लैब टेक्नीशियन को लोकायुक्त की ने पकड़ा, CMHO पर FIR
Betul Action Of Lokayukta's Team: Lokayukta caught assistant lab technician taking bribe of 40 thousand, FIR on CMHO
Betul Action Of Lokayukt Team: बैतूल क्लिनिक के रजिट्रेशन में नाम जोड़ने के नाम पर 40 हजार की रिश्वत लेते शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ लेब सहायक राधा गोविंद शुक्ला लोकायुक्त की ने दबोच लिया है। जानकारी के अनुसार बैतूल जिले के शाहपुर भौरा निवासी डॉ महेश कुमार पाटनकर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल को 28 जुलाई को लिखित शिकायत की गई। शिकायत में बताया कि उनका क्लीनिक भौरा कस्बे में है। बैतूल के सीएमएचओ डॉ सुरेश बौद्ध जाटव के द्वारा क्लीनिक का निरीक्षण करने पर क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन में आवेदक के भतीजे डॉ सागर पाटनकर का नाम शामिल करने के एवज में 1.5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई है। 50 हजार रुपए पूर्व में प्राप्त कर लिए हैं। आवेदक के अनुरोध पर 1 लाख से कम करके 50 हजार रुपए लेने को राजी हुआ है। 10 हजार रुपए 03 अगस्त को आवेदक के भतीजे डॉ सागर से CMHO ऑफिस बैतूल में आरोपी ने प्राप्त कर लिए थे। शेष 40 हजार रुपए शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ लेब सहायक राधा गोविंद शुक्ला को देने का बोला था। 12 सदस्य टीम ने की कार्रवाही
जानकारी के अनुसार आज गुरुवार 10 अगस्त को लगभग 3 बजे अपरान्ह पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल के निर्देशन पर 12 सदस्यीय ट्रैप दल द्वारा शाहपुर जिला बैतूल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ लेब सहायक राधा गोविंद शुक्ला को आवेदक के भतीजे डॉ सागर पाटनकर से 40 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो पकड़ा गया। आरोपी सीएमएचओ बैतूल डॉ सुरेश बौद्ध जाटव एवं अन्य के विरुद्ध अपराध धारा पंजीबद्ध कर कार्यवाही जारी है। लोकायुक्त दल में निरीक्षक मनोज पटवा, रजनी तिवारी, विकास पटेल सहित 12 सदस्य शामिल थे।
स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
रिश्वत लेते लैब सहायक को पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। रिश्वत मामले में लोकायुक्त सीएमएचओ से पूछताछ की गई है। टीम CMHO से घंटो तक पूछताछ करते रही। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई भी किए जाने की संभावना है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व में रिश्वत लेने के मामले में सीएमएचओ कार्यालय के एक सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी का भी नाम आ सकता है और इसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल अभी जांच जारी है।



