Betul Today News: कंपनी ने डाकर लिया कर्मचारियों के EPF की राशि: कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

बैतूल। जिला अस्पताल में जिस कंपनी को साफ-सफाई का ठेका दिया था। कंपनी ने कर्मचारियों के ईएपीएफ डकारने का मामला सामने आया है। कलेक्टर ने इस मामले में जांच के आदेश दिए है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल में साफ-सफाई और सिक्योरिटी का ठेका स्कॉट टोटल सिक्योरिटी कंपनी इंदौर को दिया था। कंपनी के अंतर्गत जिला अस्पताल में कुल 43 कर्मचारी ने काम किया। कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट रेट पर वेतन देने के अलावा 13 प्रतिशत ईपीएफ की राशि देना होती है। कंपनी ने अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों के खाते में ईपीएफ की राशि डाली ही नहीं और पूरे पैसे गबन कर लिए। जब कर्मचारियों ने इस मामले की शिकायत जनसुनवाई में की थी तो मामला कलेक्टर के संज्ञान में आ गया। कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम विभाग क अधिकारियों को मामले की जांच करने के आदेश दिए।

श्रम विभाग ने शुरू की जांच
कलेक्टर के निर्देश क बाद श्रम विभाग के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने सिविल सर्जन से सभी कर्मचारियों का नाम और डाटा मांगा गया। श्रम अधिकारियों के मुताबिक प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई है कि कंपनी ने कर्मचारियों को ईपीएफ नहीं दिया है। कुछ कर्मचारियों को एक-एक, दो-दो महीने के पीएफ राशि उनके खाते में डालकर खानापूर्ति कर दी। प्रथम दृष्टया जांच में ईपीएफ न देने की बात सामने आई है। जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
कंपनी लालच देकर कर्मचारियों से करवाते रहे काम
अस्पताल में सफाई और सिक्योरिटी का काम कर रहे कर्मचारियों को कंपनी लालच देकर काम करवाती रही। कंपनी ने केवल कलेक्ट्रेट रेट पर वेतन देकर कर्मचारियों से वर्षो तक काम करवाया। जब भी कर्मचारी ईपीएफ की मांग करते उन्हें केवल आश्वासन देते रहे। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि जब कर्मचारी ईपीएफ की मांग करते थे तो कंपनी द्वारा उन्हें नौकरी से बाहर निकालने की धमकी देते थे, इसलिए कर्मचारी कंपनी के खिलाफ मोर्चा नहीं खोल पाए।
इनका कहना…
कर्मचारियों को ईपीएफ नहीं मिलने के मामले में श्रम विभाग जांच कर कंपनी पर जुर्माना लगाया है।
डॉ अशोक बारंगा, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय, बैतूल
कर्मचारियों को ईपीएफ नहीं देने का मामला आया है। कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए है। मैं अभी छुट्टी पर हूं, छूट्टी से आने के बाद ही कुछ अधिकृत जानकारी दे पाउंगा।
डीडी भगत, श्रम अधिकारी, बैतूल

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