MP News: प्राइवेट स्कूलों में फ्री में मिलेगा बच्चों को एडमिशन , जानें कैसे करें आवेदन

MP News
MP News

MP News: मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र में नए सत्र 202526 के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आरटीई के अंतर्गत टाइम टेबल जारी किया है। सरकार ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए निर्देश जारी किया है और कलेक्टरों को विशेष आदेश दिया है।

RTE एडमिशन 2025-26 (MP News)

5 मई 2025: पोर्टल पर मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों और सीटों का प्रदर्शन।

7 से 21 मई 2025: ऑनलाइन आवेदन और एरर करेक्शन की प्रक्रिया।

7 से 23 मई 2025: सरकारी जन-शिक्षा केंद्र में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन।

29 मई 2025: लॉटरी से स्कूल अल्लोत्मेंट और एसएमएस के जरिए सूचना।

2 से 10 जून 2025: स्कूलों में उपस्थिति और मोबाइल ऐप से रिपोर्टिंग।

इन डॉक्यूमेंट की पड़ेगी जरूरत

जन्म प्रमाण पत्र
निवास प्रमाण पत्र
गरीबी रेखा से नीचे (BPL) प्रमाण पत्र
माता-पिता का पहचान पत्र

Also Read:MP News: मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र को जोड़ेगा यह सिक्स लेन हाईवे, चौड़ी हो जाएगी सड़कें, मिल गई मंजूरी

ऐसे करें आवेदन

अभ्यर्थी अपने गांव/वार्ड और आसपास के गैर-अनुदान प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में आवेदन कर सकते हैं।

सभी अभ्यर्थियों को अपने मूल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन केंद्र (जन-शिक्षा केंद्र) में अनिवार्य रूप से वेरिफिकेशन कराना होगा।

एडमिशन से जुड़ी डिटेल जानकारी एजुकेशन पोर्टल और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

आयुसीमा

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आरटीई के तहत विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश हेतु आयुसीमा भी निर्धारित कर दी गई है।

नर्सरी कक्षा के लिए न्यूनतम आयु 3 वर्ष और अधिकतम 4 वर्ष 6 माह होगी।

केजी-1 में प्रवेश के लिए आयु 4 से 5 वर्ष 6 माह के बीच।

केजी-2 में 5 से 6 वर्ष 6 माह के बीच।

कक्षा 1 के लिए न्यूनतम 6 वर्ष तथा अधिकतम 7 वर्ष 6 माह होना जरूरी है।

इस आयुसीमा का पालन करते हुए ही आवेदन करना अनिवार्य है।

Also Read:MP News: नाना बने मुख्यमंत्री मोहन यादव, अपनी नातिन पर लुटाया प्यार, देखें वायरल वीडियो

जानिए RTE क्या है

RTE यानी शिक्षा का अधिकार भारत सरकार के तहत लागू किया गया एक कानून है, जिसे 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी किया गया था। इसके तहत 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार दिया गया है। इस कानून के तहत निजी स्कूलों को भी अपनी 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं।

Also Read:MP News: आईटी क्षेत्र में विशेष पहचान स्थापित करेगा मप्र, CM मोहन यादव ने की ये बड़ी तैयारी, लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button