Sugarcane Farming : अक्टूबर के महीने में खेतों में लगाएं गन्ने की 5 सबसे उन्नत किस्में, होगी पैसों की बरसात

Sugarcane Farming : ठंड का मौसम शुरू होने वाला है और शीतकालीन गन्ने की बुवाई भी शुरू हो जाएगी। भारत गन्ना उत्पादन के मामले में दूसरा स्थान रखता है। भारत में बड़ी संख्या में किसान गन्ना लगाते हैं। उन्नत किसानों की पहली पसंद बनी गन्ने की कुछ किस्मों से बेहतरीन उत्पादन होता है, जिसके कारण इन गन्ना किसानों को शानदार मुनाफा होता हैं। आज हम आपको गन्ने की प्रमुख 5 किस्म (Top 5 Sugarcane Variety) की जानकारी देंगे, जिसको लगाने के बाद किसान मालामाल हो जाएंगे।
20% तक बढ़ जाएगा उत्पादन ( Sugarcane Farming )
अक्टूबर के महीने में शीतकालीन गन्ने की बुवाई किसान करते हैं। यदि किसान सही तरीके से सही किस्म के गन्ने का चयन करें तो किसानों को अच्छा उत्पादन भी प्राप्त होता है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक किसानों का 20% तक का उत्पादन इस तरह से बढ़ाया जा सकता है।
गन्ने का बीज चुनते समय इन बातों का रखे ध्यान
गन्ने की कई ऐसी किस्में है जो बसंतकाल में बुवाई से अच्छा उत्पादन देती हैं और कुछ ऐसी किस्में हैं, जिनको शरद काल में ही बोया जा सकता है। ऐसे में गन्ने के बीज चुनते समय ध्यान रखें कि बीज उच्च किस्म का हो।
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव कुमार पाठक बताते हैं कि एक बार गन्ने की फसल लगाई जाए तो 2 से 3 साल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है लेकिन इसके लिए गन्ने के बीज की किस्म का ध्यान रखना जरूरी है।
Top 5 Sugarcane Variety
शरद कालीन गाने की बुवाई के लिए पांच बेहतरीन किस्म हैं, जो ज्यादा उत्पादन देने के लिए जानी जाती हैं।
को.शा. 13235 (CoS 13235 Sugarcane Variety)
पहले नंबर पर आती है अगेती को.शा. 13235 (CoS 13235 Sugarcane Variety) किस्म। गन्ने की यह किस्म सबसे बेहतरीन है। इसको लगाने पर एक हेक्टेयर में लगभग 81 टन तक गन्ने का उत्पादन होता है।
कोलख 14201 : गन्ने की यह किस्म देश में सबसे उन्नत किस्म में शामिल है। इस किस्म की उत्पादन क्षमता 95 टन प्रति हेक्टेयर है। इस किस्म के गन्ने में शर्करा की मात्रा 18.60% है
को. 15023 : को 15023 किस्म का गन्ना मोटा होता है और इससे उच्च किस्म का चीनी प्राप्त होता है।
को.शा. 18231 और को.लख. 16202 शरद कालीन गन्ने की बुवाई के लिए काफ़ी उपयोगी किस्म है। इन दोनों किस्म को हाल ही में विकसित किया गया है। यह दोनों बेहतर उत्पादन देंगी। यह रेड रॉट यानी कि लाल सड़न रोग प्रतिरोधी भी हैं।



