Top 5 Wheat Variety: इस सीजन करें गेहूं की इन किस्मों की बुवाई, 82 क्विंटल तक होता हैं उत्पादन

Top 5 Wheat variety : रबी फसल की बुवाई चल रही है। भारत में बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती की जाती है। आधुनिक तरीके से गेहूं की खेती कर आज के समय में किसान मालामाल बन रहे हैं। अक्टूबर के महीने में किसान रबी फसलों की बुवाई की तैयारी में लगे हैं। अगर उच्च किस्म के बीजों की बुवाई की जाए तो पैदावार अच्छी होगी।आज हम आपको गेहूं की पांच उन्नत किस्म के बारे में बताएंगे, जिसकी खेतों में बुवाई कर आप अच्छी पैदावार कर सकते हैं और कम समय में मालामाल बन सकते हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)-भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल के अनुसार गेहूं के इन किस्म की बुवाई करके आप मालामाल बन सकते हैं। इन किस्मों से पैदावार काफी अच्छी होती है और सबसे बड़ी बात है कि अधिक सिंचाई की भी जरूरत नहीं पड़ती।
गेहूं की ये किस्म बनाएगी मालामाल (Top 5 Wheat variety)
करन नरेन्द्र (Karan Narendra)
करन नरेन्द्र गेहूं की नवीन किस्म है। मार्केट में यह किस्म 2019 में आई थी। इसे 25 अक्टूबर से 25 नवंबर के बीच इसकी बोवनी कर सकते हैं। इस किस्म की गेहूं से रोटी काफी अच्छी और मुलायम बनती है। इसमें 5 से 6 बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है। मात्र 143 दिनों में यह गेहूं काटने के लायक हो जाती है। प्रति हेक्टेयर आप 60 से 80 क्विंटल की पैदावार कर सकते हैं।
करन वंदना (Karan Vandana)
करन वंदना किस्म की गेहूं में बीमारियां नहीं लगती। इस किस्म की गेहूं को मुख्यतः गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में लगाया जाता है। 120 दिनों में यह फसल पक कर तैयार हो जाती है और इससे बनने वाली रोटी भी काफी अच्छी होती है। प्रति हेक्टेयर 75 क्विंटल गेहूं की पैदावार होती है।
पूसा यशस्वी (Pusa yashasvi)
पूसा यशस्वी गेहूं की किस्म बेहद शानदार है और मुख्य रूप से इसका उत्पादन कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में होता है। इस किस्म के गेहूं के फसल में बीमारियां नहीं लगती। 5 से 25 नवंबर के बीच आप इसकी बुवाई कर सकते हैं। इस किस्म से प्रति हेक्टेयर 57.5 से 79. 60 क्विंटल तक पैदावार होती है।
करण श्रिया (Karan Shriya)
जून 2021 में यह किस्म करण श्रिया में मार्केट में आई थी। इस मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और पश्चिम बंगाल में लगाया जाता है। यह 127 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और सबसे बड़ी बात है कि प्रति हेक्टेयर 75 क्विंटल की पैदावार देती है।
डीडीडब्ल्यू 47 (DDW47)
डीडीडब्ल्यू 47 गेहूं की सबसे अच्छी किस्म है, क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यह कम समय में पककर तैयार हो जाती है और इस किस्म के बीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है। अक्टूबर के अंत तक आप इसकी बुवाई कर सकते हैं।



