MP Atithi Shikshak Parmanent Order : अतिथि शिक्षकों को झटका, हाईकोर्ट के बाद DPI से आई एक और बुरी खबर

MP Atithi Shikshak Parmanent Order : मध्य प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए बुरी खबर हैं। अतिथि शिक्षकों के परमानेंट होने को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने एक्शन ले लिया है। लंबे समय से हड़ताल कर रहे अतिथि शिक्षकों का अब परमानेंट होने का सपना सपना ही रह जाएगा। बता दें कि अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश पर ये निराकरण किया गया है और अतिथि शिक्षकों को परमानेंट नहीं करने का आदेश जारी किया गया है।
परमानेंट नहीं होंगे अतिथि शिक्षक (MP Atithi Shikshak Parmanent )

मध्य प्रदेश के 70000 से अधिक अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की याचिका पर DPI के आदेश जारी हुए। आदेश में कहा गया है कि मध्य प्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती नियम 2018 और उसके संशोधन के अनुसार ही खाली पदों में पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए शिक्षक चयन परीक्षा का प्रावधान है और इस परीक्षा में अतिथि शिक्षकों के लिए केवल 25% पद ही आरक्षित है।
10-12 साल से दे रहे सेवा

मध्य प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक 10 से 12 साल से सेवाएं दे रहे हैं उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और अपनी योग्यता और अनुभव का हवाला देते हुए परमानेंट करने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट और DPI के आदेश के बाद अब इन अतिथि शिक्षकों के परमानेंट होने का सपना चकनाचूर हो गया है।
अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे अतिथि शिक्षक
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश से असंतुष्ट होकर अतिथि शिक्षक संघ द्वारा अब सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया गया है। संघ ने कहा कि शिक्षकों ने अपनी आधी जिंदगी इस उम्मीद में बिता दी कि उन्हें परमानेंट किया जाएगा, लेकिन अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। अब हमारे पास सुप्रीम कोर्ट जाने का ही एक मात्र रास्ता बचा है। DPI के आदेश ने सभी अतिथि शिक्षकों को निराश किया है।



