Pind Daan In Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश के इन जगहों पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मिलती है मुक्ति, पितृ होते हैं प्रसन्न

Pind Daan In Madhya Pradesh: पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में काफी ज्यादा महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में पितृ धरती पर आते हैं और अपने परिजनों को आशीर्वाद देते हैं। पितृ पक्ष में पिंडदान का काफी ज्यादा महत्व है।इस दौरान पितरों की आत्मा के शांति के लिए पूजा पाठ किया जाता है और पिंडदान का कार्य किया जाता है।
पौराणिक काल में भी होता था पिंडदान (Pind Daan In Madhya Pradesh)
पौराणिक काल से पिंडदान करना हिन्दू समाज में एक पुण्य कार्य माना जाता रहा है। पिंडदान का जिक्र कई ग्रंथों में भी मिलता है। कई ऐसे लोग हैं जो पिंडदान करने के लिए देश के पवित्र और चर्चित जगह पर जाते हैं।
पिंडदान करने की बात होती है, तो कई लोग वनारासी, गया, द्वारका, प्रयागराज या मथुरा का ही जिक्र करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में दो ऐसी जगह हैं जहां आप पिंडदान कर सकते हैं। यहां पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।
मध्य प्रदेश के इन जगहों पर कर सकते हैं पिंडदान –
उज्जैन में करें पिंडदान
मध्य प्रदेश में जब भी पिंडदान करने की बात आती है तो लोग उज्जैन शहर का नाम लेते हैं। देश का सबसे पवित्र और चर्चित मंदिर महाकाल मंदिर भी उज्जैन में ही है। इस मंदिर को महाकालेश्वर मंदिर भी कहा जाता है और रोजाना यहां लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। पिंडदान के लिए उज्जैन को पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है।
आपको बता दें कि यहां शहर शिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है और पितृ पक्ष के मौके पर हर दिन हजारों लोग शिप्रा नदी के किनारे पिंडदान करने के पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां पिंडदान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
ओंकारेश्वर में करें पिंडदान
मध्य प्रदेश के चर्चित तीर्थ स्थलों में ओंकारेश्वर का नाम भी आता है। इसे भगवान शिव का शहर भी कहा जाता है और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर में मौजूद है।ओंकारेश्वर शहर नर्मदा नदी के तट पर स्थित है और नर्मदा नदी भारत की एक पवित्र नदी मानी जाती है। इसलिए इस नदी के तट के किनारे पिंडदान करने के लिए हजारों लोग पहुंचते हैं। कहा जाता है कि यहां पिंडदान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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