MP News: एमपी में बेटियों के माता-पिता को मिलेगी पेंशन, सरकार ने शुरू की नई योजना, जानिए विस्तार से

MP News: मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा बेटियों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। बेटियों की आर्थिक सहायता और उच्च शिक्षा के लिए सरकार नई नई योजनाओं को लांच कर रही है।अब राज्य में बेटियों के माता-पिता के लिए भी खास योजना शुरू किया गया है। इस योजना का नाम “मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना” है। इस योजना के अंतर्गत बेटियों के विवाह के बाद अकेले रह जाने वाले माता-पिता को ₹600 हर महीने दिए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य ऐसे दंपतियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है जिनकी केवल बेटियां हैं। आपको बता दे कि इसके लिए ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन होगा।
राज्य सरकार चला रही है कई कल्याणकारी योजनाएं (MP News)
सरकार की यह योजना इसलिए शुरू की गई है ताकि बेटियों के माता-पिता को किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर न रहना पड़े। राज्य सरकार बेटियों को सशक्त बनाने के लिए और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए योजनाएं शुरू कर रही है। इसके साथ ही सरकार जनकल्याणकारी योजनाएं भी चल रही है जिसका लाभ सीधे आम जनता को मिल रहा है। मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना मुख्य रूप से माता-पिता को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
जानिए इस योजना के नियम और शर्त
इस योजना के लिए कुछ नियम और शर्तें भी बनाई गई है। योजना का लाभ इस दंपति को मिलेगा जो मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो इसके साथ ही उनकी उम्र कम से कम 60 साल होनी चाहिए। दंपति की केवल बेटी हो और दंपति आयकर दाता ना हो।
जानिए कैसे करें आवेदन
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको जरूरी दस्तावेज नगर पालिका कार्यालय में जमा करना होगा। फिर पात्रता की जांच करने के बाद पेंशन स्वीकृत हो जाएगी। आप लोक सेवा गारंटी में आवेदन करके भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आप चाहे तो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना का लाभ उठाने के लिए जरूरी दस्तावेज
दंपति की दो फोटो
समग्र आईडी
आधार नंबर
मोबाइल नंबर
बैंक पासबुक
आयु प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
दंपति की केवल कन्याएं ही संतान है शपथ पत्र
मध्य प्रदेश का मूल निवासी प्रमाण पत्र
दंपति का संयुक्त फोटो
विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें
तलाकशुदा या विधवा महिलाएं न्यायालय द्वारा जारी प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करें।



