MP cabinet Baithak: मध्यप्रदेश सरकार का सोयाबीन के दाम पर बड़ा फैसला, मोहन सरकार ने कैबिनेट में लिए अहम निर्णय

MP cabinet Baithak: आज मध्य प्रदेश में डॉक्टर मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इस दौरान किसानों के हित में भी एक बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने सोयाबीन किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। अब मध्य प्रदेश की मंडियो में सोयाबीन का उपार्जन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जाएगा।
सरकार के द्वारा जल्द ही इस प्रस्ताव को केंद्र को भेजा जाएगा। मंगलवार को मंत्रालय की हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है।केंद्र की मंजूरी Cabinet Meeting मिलने के बाद इसे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। आपको बता दे कि लंबे समय से किस सोयाबीन के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान फैसला लिया कि पूरे मध्य प्रदेश में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा ताकि लोग स्वच्छता का महत्व जान सके और मध्य प्रदेश देश का सबसे स्वच्छ राज्य बन सके।
कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर (MP cabinet Baithak)
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में क्षिप्रा नदी को प्रवाहमान बनाए रखने के लिए सिलारखेड़ी जलाशय की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी।
इसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 614 करोड रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई।
नर्मदापुरम जिले की डोकरी खेड़ा जलाशय के शेष कमांड क्षेत्र को पिपरिया शाखा नहर से जल उद्वाहन कर सूक्ष्म सिंचाई पद्धति की स्वीकृति दी गई।
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत धार जिले की पीथमपुर तहसील में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना के लिए प्रभावित ग्राम जामोदी की भूमि कलेक्टर गाइडलाइन से कम होने के कारण किसानों को प्राप्त मुआवजा राशि के अंतर की राशि स्पेशल पैकेज के तहत सरकार द्वारा दी जाएगी।
कैबिनेट ने जामोदी के 85 भू धारकों के लिए अन्य ग्रामों की भूमि की तुलना में भूमि की कलेक्टर गाइडलाइन कम होने के कारण अंतर की राशि 24 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से दोगुना मुआवजा देने के लिए 30.52 करोड रुपये का स्पेशल पैकेज स्वीकृत किया है।
इसमें 15.26 करोड रुपये का भार राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के 22 जिला एलोपैथी अस्पतालों में आयुष विंग के संचालन के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।
आयुष विंग के संचालन के लिए नए पदों का सृजन भी किया जाएगा। इससे प्रदेश में आयुष चिकित्सा को नई मजबूती मिलेगी। कैबिनेट ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 36 पदों को समर्पित करने और 18 नए पद बनाने का निर्णय लिया।
साथ ही चिकित्सा शिक्षा संचालनालय एवं स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालय के 636 पदों का संविलियन करने की स्वीकृति भी दी गई। सागर चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी और यूजी की सीट वृद्धि के लिए जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय में हस्तांतरित करने की स्वीकृति भी दी गई।
प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए निर्धारित किया है कि अब प्रदेश के निगम, मंडलों में अब विभागीय मंत्री अध्यक्ष होंगे। अभी तक विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव या सचिव उनके अध्यक्ष थे।


