Betul Malaria Department: गंबूशिया मछली करेगी मच्छरों के लार्वा को खत्म, तालाबों में छोड़ी जाएगी मछलियाँ

Betul Malaria Department: Gambusia fish will destroy mosquito larvae, fish will be released in ponds

Betul Malaria Department: बैतूल स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू व मलेरिया का कारण बनने वाले मच्छरों के पनपने से पहले खात्मा करने का प्लॉन तैयार कर लिया है। विभाग द्वारा तालाबों में मच्छरों को लार्वे को नष्ट करने के लिए गंबूशिया मछली को तालाब में छोड़ा जाएगा। यह मछली पूरे तालाब से मच्छर से निकलने वाले लार्वे को खत्म करेगी। यह मछलियां मच्छर के लार्वे को खा जाती है, जिससे मच्छर नहीं पनपते। मच्छर कम हो जाएंगे तो मलेरिया और डेंगू बीमारी फैलने का भी खतरा नहीं रहेगा। जिला मलेरिया अधिकारी जितेन्द्र सिंह राजपूत ने बताया कि विभाग द्वारा मलेरिया, डेंगू की बीमारी से निपटने के लिए तैयारियां कर ली है। विभाग द्वारा जिले के विभिन्न तालाबों में गंबूशिया मछलियों को छोड़ा जाएंगा। जहां भी शहर और ब्लॉकों के आसपास में छोटे तालाब है और वहां बारिश में पानी थमा रहता है, ऐसे तालाबों में इन मछलियों को छोड़ा जाएगा। यह मछलियां मच्छरों के लार्वे को खाती है, जिससे तालाब में मच्छर नहीं पनपते। मच्छर नहीं पनपेंगे तो बीमारियों का भी खतरा कम बना रहेगा। बताया जा रहा है कि एक गंबूजिया मछली एक महीने में 50 से 200 अंडे देती है। जितनी तेजी से मच्छरों का लार्वा बढ़ता है, मछलियोंं की संख्या भी उसी तेजी से बढ़ती है। 

शहर के प्रमुख तालाबों में डाली जाएगी मछलिया
मलेरिया अधिकारी ने बताया कि गंबूजिया मछलियों को डालने के लिए शहर के तालाबों को भी चिन्हित किया है। जल्द ही विभाग द्वारा कोठीबाजार स्थित फूटा तालाब, अभिनंदन सरोवर और सदर स्थित काशी तालाब में मछलियों को डाला जाएगा। प्रतिवर्ष इन तालाबों में मछलियों को छोड़ा जाता है, ताकि इन तालाबों में लार्वा नहीं पनपे। यह तीनों तालाब शहर में मौजूद है। इन तालाबों में मच्छरों के खात्मे को लेकर प्लॉन नहीं बनाया तो मच्छरों के पनपने का खतरा बना रहता है। अधिकारियों का कहना है कि इन तालाबों में मछलियों को छोड़ा जाएगा। पहले तो कम मछलियों को छोड़ेंगे, एक महीने के बाद मछलियों की तादाद कई गुना बढ़ जाएगी। यह मछलियां मच्छरों के लार्वे को खाते रहेगी। 
लोगों को किया जा रहा जागरूक
जिला मलेरिया विभाग द्वारा मलेरिया और डेंगू से बचने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जागरूकता में बताया जा रहा है कि घर के आसपास बारिश के पानी को जमा न होने दे। कई लोग छतों के ऊपर खाली बर्तन और टायर रखते है, जिसमें बारिश का पानी जमा होने से मच्छरों का लार्वा पनपता है। छत के ऊपर खाली बर्तन न रखने के लिए कहा जा रहा है, ताकि बारिश का पानी जमा न हो। 
इनका कहना…
मच्छरों के लार्वे को खत्म करने के लिए तालाबों में गंबूजिया मछलियों को जल्द ही छोड़ा जाएगा। यह मछलियां मच्छरों के लार्वे को खा लेती है, जिससे मच्छर नहीं पनपते। 
जितेन्द्र सिंह राजपूत, जिला मलेरिया अधिकारी, बैतूल

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