Samarthan Mulya Kharidi: धान बेचने वाले किसानों के सामने खड़ी हुई नई समस्या, किसान हो रहे परेशान

Samarthan Mulya Kharidi: New problem arises in front of farmers selling paddy, farmers remain worried

गूगल फ़ाइल फ़ोटो

Samarthan Mulya Kharidi: बैतूल में धान की उपज समर्थन मूल्य में बेचने के लिए पंजीयन प्रारंभ हुए 10 दिन का समय बीत गया है, लेकिन जिले में इस बीच एक भी पंजीयन नहीं हो पाया है। पटवारियों की हड़ताल के कारण पंजीयन का कार्य ठप पड़ा है। पंजीयन नहीं होने से किसान सबसे ज्यादा परेशान है। लंबे समय से चल रही पटवारी हड़ताल का परिणाम अब सामने दिखने लगा है। इस हड़ताल के कारण पटवारी फसल की गिरदावरी नहीं कर पाएं है। गिरदावरी नहीं होने के कारण सबसे ज्यादा किसानों की परेशानी बढ़ रही है। शासन ने समर्थन मूल्य पर धान व ज्वार फसल के विक्रय हेतु पंजीयन की तारीख तय कर दी है। फसल की गिरदावरी नहीं होने से जिले में किसान 10 दिन के भीतर एक भी किसान पंजीयन नहीं करा पाए। उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा किसानों को समर्थन मूल्य पर धान, बाजरा, ज्वार विक्रय करने के लिए 20 सितम्बर से पंजीयन कार्य प्रारंभ करने की तिथि घोषित की, लेकिन अभी तक एक भी किसान का पंजीयन नहीं हो पाया। किसान पंजीयन केन्द्रों से खाली हाथ लौटने को मजबूर है। पंजीयन करते समय यह जानकारी अपलोड होना जरूरी है कि किस किसान ने कितने हेक्टेयर  में धान की बोवनी की थी। गिरदावरी का काम पटवारियों द्वारा किया जाता है। पटवारी पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। सरकार ने अभी तक पटवारियों की मांगों को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसी स्थिति में हड़ताल और लंबी खींच सकती है। हड़ताल लंबे समय तक चली तो किसानों का समय पर पंजीयन होना मुश्किल हो जाएगा। पंजीयन की आखरी तिथि 5 अक्टूबर तय की है। 

पंजीयन के लिए जिले में बनाए 17 केन्द्र 
जिला आपूर्ति कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में धान की उपज समर्थन मूल्य में बेचने को लेकर जिले भर में 17 पंजीयन केन्द्र बनाए गए है। इन केन्द्रों पर किसान पंजीयन कर सकते है। हड़ताल के कारण किसान पंजीयन नहीं करवा पा रहे है। लगभग इतने ही केन्द्रों पर खरीदी भी की जाएगी। किसानों को ऑनलाईन पंजीयन के समय बैंक अकाउंट, मोबाईल नंबर और रकबे की जानकारी देना होता है। इसके बाद ही किसान पंजीयन कर सकते है, लेकिन किसानों के सामने पंजीयन के लिए कई परेशानियां खड़ी हो गई। किसान अधिकारियों से शिकायत कर रहे है कि वे पंजीयन नहीं कर पा रहे है। अधिकारी भी किसानों की कोई मदद नहीं कर रहे है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पटवारी गिरदावरी कर रकबे की जानकारी नहीं देंगे तब तक पोर्टल पर पंजीयन नहीं होगा। 
33 हजार 200 हेक्टेयर में धान की बोवनी 
जानकारी के मुताबिक इस वर्ष धान के रकबे में बढ़ोत्तरी हुई है। 33 हजार 200 हेक्टेयर में धान की बोवनी हुई। पिछले वर्ष की अपेक्षा 100 हेक्टेयर धान के रकबे में बढ़ोत्तरी हुई। इस लिहाज से इस बार कई किसान समर्थन मूल्य में धान की उपज बेचने के लिए पंजीयन कर सकते है। जिले के चोपना क्षेत्र में सबसे ज्यादा धान की रूपाई और बोवनी की जाती है। इस बार धान की उपज अच्छी होने की उम्मीद है। समर्थन मूल्य में किसान धान बेचने के लिए दिलचस्पी दिखा सकते है। अक्टूबर माह के पहले पखवाड़े के बाद धान की कटाई का काम भी प्रारंभ हो जाएगा। कटाई के बाद किसानों को उपज बेचने का इंतजार रहेगा। 
इनका कहना…
20 तारीख से पंजीयन प्रारंभ हो गए है, लेकिन पटवारियों की हड़ताल और गिरदावरी नहीं होने से एक भी किसान पंजीयन नहीं कर पाए है। 
कृष्णा टेकाम, प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी, बैतूल

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