Betul News : पुसली सोसायटी में केसीसी भुगतान पर बवाल, अपनी ही रकम के लिए चक्कर काट रहे किसान
खापा के किसानों ने प्रबंधक और उपप्रबंधक पर लगाए लापरवाही के आरोप, शिकायत के बाद कुछ को मिला भुगतान, बाकी अब भी खाली हाथ
Betul News : बैतूल किसानों की सुविधा और आर्थिक जरूरतों के लिए संचालित सहकारी समितियों में यदि किसान अपनी ही राशि पाने के लिए चक्कर काटने को मजबूर हो जाएं तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। ऐसा ही मामला पुसली सोसायटी में सामने आया है, जहां किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की राशि के भुगतान को लेकर किसानों में नाराजगी है। खापा गांव के किसानों ने सोसायटी के प्रबंधक और उपप्रबंधक पर भुगतान में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि वे कई बार सोसायटी के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार भुगतान के नाम पर आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। अपनी ही रकम के लिए किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
बार-बार आश्वासन, भुगतान के लिए करना पड़ रहा इंतजार
किसानों के मुताबिक, केसीसी की राशि प्राप्त करने के लिए वे लगातार सोसायटी पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। आरोप है कि उपप्रबंधक राठौर द्वारा बार-बार भुगतान करने का भरोसा दिया गया, लेकिन किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसान सवाल उठा रहे हैं कि जब उनकी राशि का भुगतान किया जाना है तो उन्हें बार-बार सोसायटी बुलाने और इंतजार कराने की क्या जरूरत है? किसानों का आरोप है कि जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।
शिकायत के बाद कुछ किसानों को मिला पैसा
इस पूरे मामले में एक और गंभीर बात सामने आई है। किसानों का कहना है कि लिखित शिकायत किए जाने के बाद कुछ किसानों की केसीसी राशि का भुगतान कर दिया गया। हालांकि, बाकी किसानों की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। इससे किसानों के बीच असंतोष बढ़ रहा है। यदि शिकायत के बाद भुगतान संभव था तो पहले से किसानों को उनकी राशि क्यों नहीं दी गई? यह सवाल भी सोसायटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
लिखित शिकायत देकर मांगी निष्पक्ष जांच
लगातार चक्कर लगाने और आश्वासन से परेशान किसानों ने अब लिखित आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड, दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। किसानों ने जिम्मेदारों की भूमिका तय कर लापरवाही पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
जिम्मेदारी से बच रहे जिम्मेदार!
किसानों का आरोप है कि मामले में सहायक प्रबंधक ने अपनी जिम्मेदारी लेने से पल्ला झाड़ लिया है। वहीं, सोसायटी प्रबंधक का पक्ष सामने नहीं आ सका है। ऐसे में किसानों की शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और कार्रवाई का इंतजार व्यवस्था की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल खापा के किसान अपनी ही केसीसी राशि के भुगतान के लिए सोसायटी के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अब देखना यह है कि विभागीय अधिकारी शिकायत को गंभीरता से लेकर जांच कराते हैं या किसानों को इसी तरह आश्वासनों के भरोसे छोड़ दिया जाता है।
इनका कहना है…..
आपने मामला मेरे संज्ञान में लाया है। सोसाइटी में कोई गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी जांच की जाएगी। दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करेंगे।
वासुदेव भदौरिया डीआर बैतूल



