Betul BSNL Tower : सेकेण्ड फेज में बैतूल को मिले महज दस 4जी टॉवर, छिंदवाड़ा को 200, क्या कर रहे बैतूल सांसद ?
Betul BSNL Tower: Betul got only ten 4G towers in the second phase, Chhindwara got 200, what is Betul MP doing?

Betul BSNL Tower : बैतूल सांसद के ढुलमुल रवैये के कारण केन्द्र सरकार की योजनाओं का जिलेवासियों को नहीं मिल रहा लाभ
बैतूल। जिले के ग्रामीण अंचलों को तेज इंटरनेट सुविधा से जोडऩे के लिए सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल द्वारा 4जी टॉवर लगाए जा रहे है, लेकिन इसका लाभ जिलेवासियों को भरपूर नहीं मिल पा रहा है। जिले को द्वितीय फेज के लिए महज दस 4 जी टॉवर मिले है। जबकि पड़ोसी जिले छिंदवाड़ा को 200 टॉवर की अनुमति मिली है। बैतूल सांसद के ढुलमुल रवैये के कारण जिले को बहुत कम 4जी टॉवर मिल पाए है। सांसद चाहते तो जिलेवासियों को भी बड़ी संख्या में 4जी टॉवर मिल सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सांसद को जनता की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है। यही कारण है कि आज भी जिला पिछड़ते जा रहा है और केन्द्रीय योजनाओं का जो भरपूर लाभ मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा है। पहले फेज में जिले को 188 टॉवर मिले थे अब इसका काम पूरा हो चुका है। इसके बावजूद भी कई ऐसे गांव है जहां मोबाईल नेटवर्क नहीं है, लेकिन इन ग्रामीणों की किसी को चिंता नहीं है।
सांसद चाहते तो आसानी से बैतूल जिले में 4जी टॉवर लग सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूत्रों की माने तो सांसद ने 4जी टॉवरों की कोई प्रस्ताव नहीं भेजा। अन्यथा सेकेण्ड फेज में भी बैतूल को अधिक मात्रा में 4 जी टावर मिलते और गांव-गांव में तेज नेटवर्क उपलब्ध हो पाता। जब पड़ोसी जिले को बड़ी संख्या में 4 जी टॉवर मिल सकते है तो बैतूल को भी मिलना चाहिए। जबकि बैतूल से तो सांसद दुर्गादास उईके केन्द्रीय राज्य मंत्री भी है। मंत्री होने के बावजूद भी जिले को कोई लाभ नहीं मिले तो यह विड़म्बना ही कहा जा सकता है।



