Betul News: बैतूल जिले के शाहपुर और भौरा परिक्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक 4 वर्षीय बालक पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में जहां दहशत का माहौल है वहीं ग्रामीणों में गुस्सा है। बालक को गंभीर हालत में उपचार के लिए जिला अस्पताल गया है लेकिन उसे शनिवार इलाज के लिए भोपाल एम्स भेजा गया है। घटना के बाद मुख्य वन संरक्षक वासु कनोजिया, डीएफओ उत्तर वन मण्डल नवीन गर्ग सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि वन विभाग जल्द तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रहा, तो वे अब खुद कार्रवाई करने पर मजबूर होंगे।फिलहाल घटना की गम्भीरता को देखते हुए एसटीआर चीफ राखी नंदा ने मोर्चा संभाला है जिनके मार्गदर्शन में पूर्व में सारणी क्षेत्र में टाइगर का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है।
कई दिनों से तेंदुए की दहशत के बीच जी रहे ग्रामीण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना भौरा ढाना गांव के पास स्थित जंगल के सीमा से लगे क्षेत्र में हुई थी पिता के साथ शौच जा रहे। बालक पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक झपट्टा मार दिया था। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद तेंदुआ बालक को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां एम्स भोपाल में उसका इलाज जारी है। घटना की खबर मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से तेंदुए की गतिविधियां गांव के आसपास देखी जा रही थीं, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि अगर जल्द तेंदुए को पकड़ा नहीं गया, तो वे खुद उसकी तलाश कर उचित कार्यवाही करने पर मजबूर हो जाएंगे।
एसटीआर चीफ राखी नंदा ने संभाली कमान, शुरू की सर्चिंग
तेंदुए के हमले में बालक के घायल होने की स्थिति को गंभीरता को देखते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) समेत आसपास के वन परिक्षेत्रों से वन कर्मियों की बड़ी टीम मौके पर पहुंची है। जंगल और गांव की सीमाओं में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। तेंदुए की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए पगमार्क, सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन की मदद ली जा रही है। साथ ही पिंजरे भी लगाए जा रहे हैं, ताकि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके। इस पूरे अभियान की कमान स्वयं एसटीआर की मुख्य वन संरक्षक राखी नंदा ने संभाल ली है। वे मौके पर पहुंचकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि राखी नंदा इससे पहले सारणी क्षेत्र में टाइगर का सफल रेस्क्यू कर चुकी हैं, जिससे वन विभाग को इस बार भी सफलता की उम्मीद है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और खुद जंगल में जाकर जोखिम न उठाएं। बच्चों को अकेले बाहर न निकलने देने, शाम के समय घरों के आसपास सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा गया है। फिलहाल तेंदुए की तलाश के लिए जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरे इलाके में वन अमले की तैनाती बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है, वहीं सभी की निगाहें अब वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब तेंदुए को पकड़ा जाएगा और क्षेत्र को फिर से सुरक्षित बनाया जाएगा।
इनका कहना…..
हमारी एसटीआर वन कर्मियों की टीम सर्चिंग कर रही है, हाथी भी बुलवाए गए हैं। प्रयास किये जा रहे हैं कि तेंदुए को सफलता के जाट ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ा जा सके।
राखी नंदा, मुख्य वन संरक्षक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व
तेंदुए के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए एसटीआर की टीम सहित वन कर्मियों द्वारा सर्चिंग की जा रही है। साथ ही तीन वेटनरी डॉक्टर भी मौजूद हैं। प्रयास किये जा रहे हैं कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया जाए।
वासु कनोजिया, मुख्य वन संरक्षक वनवृत बैतूल
मुलताई बिरुलबाजार के गांवों में वन्य प्राणी के मिले पगमार्क
बिरुलबाजार क्षेत्र के ग्राम चिखलखापा के खेतों में बड़े अज्ञात वन प्राणी के पंजों के निशान मिले हैं। पंजे के निशानों को देखकर किसानों और ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ गई है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर प्राथमिक जांच की है। घटना सुबह उस समय सामने आई जब किसान अपने खेतों में गए हुए थे। खेतों की गीली मिट्टी में स्पष्ट और ताजे पंजों के निशान देखे। निशानों का आकार इतना बड़ा था कि वे प्रथम दृष्टया बाघ या तेंदुए जैसे वन्यप्राणी के प्रतीत हो रहे थे। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निशानों का गहन निरीक्षण कर आसपास के क्षेत्र का मुआयना किया। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। विभाग ने किसानों और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।अकेले खेतों की ओर न जाने,विशेष कर सुबह तड़के या रात के समय आवाजाही से बचने को कहा। वन विभाग के रेंजर नितिन पवार ने बताया उन्होंने मौके पर जाकर निरीक्षण किया है। पगचिन्हों के आधार पर यह स्पष्ट है कि कैट फैमिली का कोई सदस्य इस क्षेत्र में सक्रिय है। हालांकि,अभी यह तय नहीं हो पाया है कि वह बाघ है या तेंदुआ। क्योंकि जानवर को प्रत्यक्ष रूप से किसी ने नहीं देखा है।