Betul Crime News Today : 108 एम्बुलेंस से हो रही थी गौवंश तस्करी मासोद चौकी पुलिस द्वारा पीछा कर पकड़ा, 10 नग गौवंश बरामद
Betul Crime News Today: Cow smuggling was taking place in 108 ambulance, Masod outpost police chased and caught it, 10 cattle recovered
Betul Crime News Today : गोवंश तस्करो ने तस्करी नया तरीका खोज लिया है। मवेशियों को अब एम्बुलेंस की सहायता से तस्करी कर रहे है। यह हैरान करने वाला मामला बैतूल में सामने आया है। मासोद पुलिस टीम द्वारा एक 108 एम्बुलेंस वाहन में भरे 10 नग गौवंश को पकड़ने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। पुलिस के मुताबिक 18 नवम्बर की रात्रि में कस्बा मासोद क्षेत्र में गश्त के दौरान सूचना प्राप्त हुई कि मुलताई मार्ग से होते हुए एक एम्बुलेंस वाहन में गौवंश भरकर अवैध रूप से महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर हमराह स्टाफ एवं साक्षीगण पवन कवड़कर एवं संजू काकोडिया को साथ लेकर पुलिस टीम बिसनूर जोड़ पर चेकिंग के लिए पहुँची।
लगभग सुबह 3:30 बजे मुलताई रोड की ओर से एक एम्बुलेंस आती दिखाई दी, जिसे रुकने का संकेत दिया गया। चालक ने संकेत को अनदेखा कर वाहन को रगडगाँव–गेहुँबारसा रोड की ओर मोड़कर तेज गति से भगाना शुरू कर दिया। पुलिस टीम द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपी, संजू काकोडिया के घर के पास अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर फरार हो गया।
वाहन का नंबर एमएच-06 जे 9255 पाया गया। एम्बुलेंस के पीछे का गेट खोलकर देखा गया तो भीतर 10 गौवंश क्रूरता पूर्वक बंधे हुए मिले, जिनके मुह और पैर पूरी तरह बांधे गए थे और हिलने-डुलने की भी जगह नहीं थी। जाँच में पाया गया कि इन गौवंशों को वध हेतु महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा था।
घटना पाए जाने पर मौके पर ही समक्ष साक्षीगणों की उपस्थिति में एम्बुलेंस वाहन एवं 10 नग गौवंश कुल कीमत लगभग ₹4,78,000 जप्त किए गए।
जप्तशुदा गौवंशों को माँ गायत्री गौशाला, ग्राम बघोड़ा में सुरक्षित सुपुर्द किया गया तथा वाहन को चौकी मासोद में सुरक्षार्थ रखा गया। चालक के फरार होने पर अज्ञात आरोपी चालक के विरुद्ध थाना मुलताई में
धारा 4, 6, 9 मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम तथा धारा 11(1)(घ) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तहत मामला दर्ज किया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्यवाही में —
थाना प्रभारी मुलताई निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार,
उनि रणधीर सिंह राजपूत,
प्र.आर. बलराम सरेयाम,
प्र.आर. रामकृष्ण सिलारे,
प्र.आर. हाकम सिंह,
आर. शिवराम,
आर. मेहमान,
तथा डायल-112 चालक नितेश पवार
की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



