MP News : बैतूल में मेडिकल कॉलेज का शीघ्र होगा भूमिपूजन, जिलेवासियों को मिलेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं – हेमंत खंडेलवाल

MP News: Bhumi Pujan of medical college will be done soon in Betul, people of the district will get modern health services - Hemant Khandelwal

MP News : आदिवासी बहुल बैतूल जिले को जल्द ही आधुनिक और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा तोहफा मिलने वाला है। पीपीपी मोड पर स्वीकृत मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर बुधवार को मंत्रालय, भोपाल में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, विधायक भैंसदेही महेंद्र सिंह चौहान, विधायक मुलताई चंद्रशेखर देशमुख सहित आरकेडीएफ ग्रुप और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विभागीय अधिकारियों व आरकेडीएफ ग्रुप को मेडिकल कॉलेज का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसी दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

जिला अस्पताल का होगा उन्नयन

इस परियोजना के अंतर्गत 25 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज और शिक्षण अस्पताल विकसित किया जाएगा। वर्तमान जिला अस्पताल को अपग्रेड कर उसकी क्षमता 300 से बढ़ाकर 675 बेड की जाएगी। साथ ही छात्रों के लिए हॉस्टल और स्टाफ के लिए आवासीय परिसर का निर्माण होगा। कैथलैब, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

शीघ्र शुरू होगा निर्माण कार्य

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बैठक में कहा कि मेडिकल कॉलेज का कार्य प्राथमिकता पर शीघ्र प्रारंभ होना चाहिए, ताकि जिले के नागरिकों को जल्द से जल्द बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। वहीं, आरकेडीएफ ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुनील कपूर ने आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा और आगामी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस और पीजी कोर्स शुरू हो सकेंगे।

यूजी और पीजी पाठ्यक्रम होंगे संचालित

मेडिकल कॉलेज और शिक्षण अस्पताल का संचालन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप किया जाएगा। एमबीबीएस और एमडी कोर्स के लिए पर्याप्त संकाय, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना प्रारंभ होने के 90 दिनों के भीतर आरकेडीएफ समूह विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा और हर तिमाही शासन को प्रगति रिपोर्ट देगा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय का प्रशासन शासन के पास ही रहेगा, जबकि निजी भागीदारी से अत्याधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार सुनिश्चित होगा।

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