Raksha Bandhan News : मध्य प्रदेश में अनोखा मंदिर, जहां पूजे जाते हैं भाई-बहन, रक्षाबंधन के दिन खुलते हैं कपाट
Raksha Bandhan News: Unique temple in Madhya Pradesh, where brothers and sisters are worshipped, doors open on the day of Raksha Bandhan
Raksha Bandhan News: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन वैसे तो प्राचीन मंदिरों और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर कंकर को शंकर का स्वरूप माना जाता है। लेकिन इसी नगर में एक ऐसा अद्वितीय मंदिर भी है जो भाई-बहन के प्रेम को समर्पित है।रक्षाबंधन के पावन अवसर पर यहां बड़ी संख्या में युवावर्ग दर्शन करने आता है। यह मंदिर न केवल श्रद्धा का केंद्र है बल्कि एक भावनात्मक प्रतीक भी बन गया है, जहां भाई-बहन की मूर्तियों का विशेष पूजन किया जाता है।
इस मंदिर की स्थापना समाजसेवी डॉ. कैलाश नागवंशी द्वारा करवाई गई थी। उन्होंने इस स्थान को भाई-बहन प्रेम मंदिर का रूप दिया, जो अब रक्षाबंधन के दिन खास आकर्षण का केंद्र होता है।
कौन हैं ये भाई-बहन?
पुराणों में वर्णित एक कथा के अनुसार, भगवान गणेश के दो पुत्र थे – शुभ और लाभ। एक बार रक्षाबंधन के दिन दोनों ने अपने पिता से ज़िद की कि उन्हें भी राखी बंधवानी है। लेकिन उनकी कोई बहन नहीं थी।
तब गणेशजी ने त्रिशूल से संतोषी माता को प्रकट किया और उन्हें अपनी पुत्री घोषित किया। संतोषी माता ने रक्षाबंधन के दिन शुभ और लाभ को राखी बांधी। तभी से माता संतोषी को शुभ-लाभ की बहन और रक्षाबंधन की प्रथम बहन माना जाता है।उज्जैन का यह मंदिर इसी पौराणिक कथा पर आधारित है, और यहां संतोषी माता के साथ शुभ और लाभ की प्रतिमाएं स्थापित है।



