Wheat Cultivation: बढ़ती ठंड खराब ना कर दें गेहूं की फसल, बचाव के लिए तुरंत करें ये काम

Wheat Cultivation
Wheat Cultivation

Wheat Cultivation : अपने खेत में गेहूं की बुवाई करने वाले किसानों के लिए जरूरी खबर है। यदि खेत में गेहूं की बोवनी की है तो इस खबर को पूरा पढ़ना चाहिए, ताकि किसान भाई नुकसान से बच जाए। दरअसल, एक्सपर्ट ने गेहूं की पत्तियों के पीले पड़ने पर किन चीजों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और क्या कदम उठाने चाहिए, इसको लेकर जानकारी दी है। यदि आप एक्सपर्ट की राय मानते हैं तो आपको गेहूं का अच्छा उत्पादन मिलेगा और फसल को नुकसान भी नहीं होगा।

नाइट्रोजन की कमी की वजह से गेहूं की पत्तियां हो जाती है पीली ( Wheat Cultivation )

वैज्ञानिकों का कहना है कि ठंड के मौसम में मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीवों की गतिविधि धीमी हो जाती है जिसकी वजह से पौधों को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि ठंड में नाइट्रोजन की उपलब्धता कम हो जाती है जिसकी वजह से पत्तियां पीली पड़ने लगती है।

Also Read:MP News: प्राइवेट स्कूल के तर्ज पर मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों का होगा विकास, डिजिटल तरीके से होगी पढ़ाई

ज्यादा ठंड पड़ने से गेहूं के पौधे को काफी नुकसान होता है और गेहूं का विकास रुक जाता है। वही पीली कंगी और लीफ ब्लाइट जैसे रोग भी गेहूं में लग जाते हैं। इसके वजह से काफी ज्यादा नुकसान होने लगता है।

Also Read:MP News: राज्य सरकार का बड़ा फैसला, मप्र इन सरकारी कर्मचारियों की जायेगी नौकरी, जानिए क्या है वजह

पीली पति होने पर इसका करें छिड़काव

अगर गेहूं की पत्तियां पीली होने लगी है तो सबसे पहले किसानों को खेत में जल जमाव को रोकना चाहिए। के साथ ही आवश्यकता के अनुसार नाइट्रोजन फास्फोरस और पोटाश का छिड़काव करना चाहिए। अगर ज्यादा पत्तियां पीली पड़ने लगे तो यूरिया और मैग्नीशियम सल्फेट का छिड़काव करें। ऐसा करने से नाइट्रोजन की कमी दूर हो जाती है।

Also Read:MP News: Amazon, वॉलमार्ट जैसी बड़ी कंपनियों के मप्र में बनेंगे सेंटर, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, जल्द लागू होगी नई नीति

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button