इस मंदिर में माता को लगाया जाता है शराब के प्याले का भोग, नियत साफ नहीं होने पर प्रसाद ग्रहण नहीं करती माता

Devi Mata Temple : हमारे देश भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है और यहां अलग-अलग धर्म संप्रदाय के लोग मिलजुल कर रहते हैं। हमारे देश में कई मंदिर है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे जो बेहद चमत्कारी है और यहां पर माता को मिठाई के जगह शराब का भोग लगाया जाता है। तो आईए जानते हैं इस मंदिर के बारे में…
इस मंदिर में माता को लगाया जाता है शराब का भोग ( Devi Mata Temple )
यह चमत्कारी मंदिर राजस्थान के नागौर जिले में है जिसे माँ भुवाल काली माता मंदिर कहा जाता है। यहां पर माता को शराब का प्याला चढ़ाया जाता है और इस मंदिर का निर्माण डाकुओं के द्वारा कराया गया था।
1380 में हुआ था मंदिर का निर्माण
शिलालेख से पता चलता है कि मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1380 को हुआ था। मंदिर के चारों और देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं व कारीगरी की गई है। मंदिर के ऊपरी भाग में गुप्त कक्ष बनाया गया था, जिसे गुफा भी कहा जाता है।
दो स्वरूप में हैं माता
यहां माता काली व ब्राह्मणी दो स्वरूप में पूजी जाती हैं। मंदिर में आने वाले भक्तजन ब्रह्माणी देवी को मिठाई और काली को शराब का भोग चढ़ाते हैं। स्थानीय निवासी बताते हैं कि यह मंदिर काफी चमत्कारिक भी है, यहां से कोई भी भक्त कभी खाली हाथ नहीं जाता।
डाकुओं ने करवाया था मंदिर का निर्माण
माना जाता है कि भुवाल माता एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे पृथ्वी से स्वयं प्रकट हुई थीं। इस स्थान पर डाकुओं के एक दल को राजा की फौज ने घेर लिया था। मृत्यु को निकट देखकर उन्होंने मां को याद किया। मां ने अपनी शक्ति से डाकूओं को भेड़-बकरी के झुंड में बदल दिया। इस प्रकार डाकूओं के प्राण बच गए और उन्होंने मंदिर का निर्माण करवाया।
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देवी के मुख की ओर देखना है वर्जित
भक्त मंदिर में मदिरा लेकर आता है तो पुजारी उससे चांदी का ढाई प्याला भरता है। इसके बाद वह देवी के होठों तक प्याला लेकर जाता है। इस समय देवी के मुख की ओर देखना वर्जित होता है। माता अपने भक्त से प्रसन्न होकर तुरंत ही वह मदिरा स्वीकार कर लेती हैं। प्याले में एक बूंद भी बाकी नहीं रहती।



